Uttarakhand Land Law Action: 260 मामलों में जब्त हुई जमीन, जानिए कौन फंसा शिकंजे में

देहरादून में land law violation के मामलों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। अब तक 900 बीघा से ज्यादा जमीन सरकार में निहित की जा चुकी है। यह जमीन unauthorized land purchase, misuse of land permits, और illegal farmhouse construction जैसे मामलों से जुड़ी है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने इन मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को 15 जुलाई तक सभी लंबित प्रकरणों को निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं।

कौन-कौन आया एक्शन की जद में?

प्रशासन ने पाया कि कई लोगों ने होटल, स्कूल और अस्पताल बनाने के नाम पर जमीन ली, लेकिन वहां फार्म हाउस बना दिए। ऐसे मामलों को चिह्नित कर जमीन सरकार के नाम वापस की जा रही है। खासतौर पर विकासनगर और देहरादून सदर तहसील में यह गड़बड़ी बड़े पैमाने पर देखने को मिली।

बिना अनुमति 250 वर्गमीटर से ज्यादा भूमि खरीदने वालों पर गाज

अब तक 260 मामलों में कार्रवाई हो चुकी है और 900 बीघा जमीन वापस ली गई है। वहीं बाकी 80 मामलों में लगभग 200 बीघा जमीन को जब्त करने की प्रक्रिया जारी है। DM ने अधिकारियों से साफ कहा है कि कार्रवाई केवल नोटिस तक सीमित न हो, बल्कि जवाब न देने वालों के खिलाफ एकतरफा नोटिस जारी कर सख्त एक्शन लिया जाए।

जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश

  • तहसील स्तर पर सामूहिक सुनवाई कर तेजी से फैसले लिए जाएं

  • पटवारियों की रिपोर्ट में स्पष्ट संस्तुति अनिवार्य हो

  • हीलाहवाली करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी

  • Revenue recovery और pending dues पर फोकस किया जाए

जिलाधिकारी ने हर तहसील में 10 बड़े बकायेदारों की पहचान कर उन पर भी तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

देहरादून जमीन घोटाले से जुड़े प्रमुख तथ्य:

बिंदु विवरण
जब्त जमीन 900 बीघा (260 मामलों में)
बाकी प्रक्रिया में 200 बीघा (80 मामलों में)
प्रमुख इलाके विकासनगर, देहरादून सदर
उल्लंघन बिना अनुमति खरीद, अनुमति के विपरीत उपयोग, फार्महाउस बनाना