उत्तराखंड में सड़कों से अतिक्रमण हटेगा, बाहरी लोगों की होगी सख्त जांच, सीएम धामी ने दिए निर्देश
उत्तराखंड में सड़कों के किनारे अतिक्रमण और बाहरी लोगों की पहचान को लेकर सरकार अब सख्त एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि—
“राज्य की मुख्य सड़कों से अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और बाहरी लोगों के वेरिफिकेशन को तेज और प्रभावी बनाया जाए।”
मुख्यमंत्री का यह रुख आने वाले मॉनसून सीज़न, चारधाम यात्रा और राज्य की आंतरिक सुरक्षा को लेकर गंभीर तैयारी की ओर संकेत करता है।
Encroachment Free Uttarakhand: ट्रैफिक जाम से राहत के लिए एक्शन
सीएम धामी ने कहा कि राज्य की मुख्य सड़कों पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम और अवैध निर्माणों के कारण यात्रियों को परेशानी हो रही है। इसके समाधान के लिए—
-
सड़क किनारे अवैध कब्जों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी
-
यातायात व्यवस्था को सुचारू किया जाएगा
-
कैंची धाम स्थापना दिवस (15 जून) के लिए ट्रैफिक प्रबंधन और अस्थायी पार्किंग स्थल की व्यवस्था की जाएगी
बाहरी लोगों का वेरिफिकेशन होगा तेज
प्रदेश में बाहरी लोगों की एंट्री पर निगरानी बढ़ाते हुए सीएम धामी ने सभी जिलों को निर्देश दिए कि—
-
वेरिफिकेशन ड्राइव को तेज और प्रभावी बनाया जाए
-
अवैध रूप से बने आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाए
-
संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस और प्रशासन के बीच समन्वय हो
मॉनसून अलर्ट: अब कोई चूक नहीं
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष उत्तराखंड में औसत से अधिक बारिश का अनुमान है। इसे देखते हुए सीएम ने निर्देश दिए कि—
-
नालों की समय रहते सफाई की जाए
-
बिजली, पानी और सड़कों की आपूर्ति सुचारू रहे
-
डेंगू, मलेरिया और कोरोना से बचाव के उपाय सक्रिय किए जाएं
-
अस्पतालों की व्यवस्थाओं की नियमित जांच हो
-
आपदा प्रबंधन तंत्र अलर्ट मोड पर रखा जाए
-
चारधाम यात्रा मार्ग पर विशेष सतर्कता बरती जाए
भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड की ओर
सीएम ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा—
“हर सरकारी दफ्तर में 1064 हेल्पलाइन नंबर की जानकारी वाले बोर्ड और बैनर लगाए जाएं, ताकि जनता भ्रष्टाचार की शिकायतें आसानी से कर सके।”
‘एक जिला-दो उत्पाद’ और स्वदेशी को मिले बल
सीएम धामी ने ‘एक जिला-दो उत्पाद (ODOP)’ योजना पर फोकस करते हुए कहा कि—
-
स्थानीय स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दिया जाए
-
सरकारी कार्यक्रमों में इनका अनिवार्य उपयोग हो
-
आम जनता को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए
जल संरक्षण, नवाचार और पर्यावरण संरक्षण पर भी फोकस
-
वर्षा जल संचय को बढ़ावा देने के लिए लैंड बैंक और जल स्रोतों की मॉनिटरिंग हो
-
सभी जिलों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं
-
वनाग्नि नियंत्रण के लिए सुरक्षात्मक उपाय लागू हों
-
विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) से 25 जुलाई तक व्यापक पौधारोपण अभियान चलाया जाए
-
‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियानों को विशेष समर्थन मिले
-
प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड के लिए जन जागरूकता बढ़ाई जाए
5 नवाचारों पर हर जिला करे कार्य
मुख्यमंत्री ने सभी डीएम से आग्रह किया कि वे—
-
अपने-अपने जिलों में 5-5 नवाचार (innovations) को पहचानें
-
जनहित के इन नवाचारों को तेजी से जमीन पर उतारें
-
टीबी मुक्त जिले बनने की प्रतिस्पर्धा में भी भाग लें – पहले तीन जिलों को मिलेगा पुरस्कार