Bangladesh Crisis: भारत पर आरोप लगाकर सत्ता बचाना चाहते हैं मोहम्मद यूनुस? जानिए पूरा मामला

Bangladesh Political Crisis एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। देश के Chief Advisor Mohammad Yunus ने रविवार को ऐसा बयान दिया जिसने देश और विदेश दोनों में हलचल मचा दी। Yunus ने सीधे तौर पर भारत पर बांग्लादेश की मौजूदा राजनीतिक अस्थिरता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में जो हालात बने हैं, वो किसी Indian Conspiracy का हिस्सा हैं।

Yunus के इस बयान ने संकेत दिया कि उन्हें न सिर्फ अपनी सत्ता छिनने का डर है, बल्कि वो India Factor in Bangladesh Politics को लेकर भी चिंतित हैं। इस बयान के बाद बांग्लादेश की सियासत और अधिक गरमा गई है।

Yunus का दावा: “भारत नहीं चाहता बांग्लादेश में बदलाव”

Citizen Unity (Nagorik Oikya) के अध्यक्ष महमुदुर रहमान मन्ना ने खुलासा किया कि Mohammad Yunus की बुलाई गई मीटिंग में उन्होंने कहा—

“हम एक गंभीर संकट में हैं और यह संकट भारत की ओर से रची गई साजिश का परिणाम है। भारत को बांग्लादेश में हो रहे बदलाव पसंद नहीं हैं। यदि मौका मिला तो वे हमें खत्म करने की कोशिश करेंगे।”

Yunus ने कहा कि देश को एकजुट होना होगा, वरना भारत के दबाव में सब कुछ खोने का खतरा है। Political analysts इसे Yunus की कमजोर होती पकड़ और public dissatisfaction से जोड़कर देख रहे हैं।

चुनाव से पहले बढ़ी हलचल, Awami League की वापसी की चर्चा

Bangladesh Election 2025 नज़दीक हैं और देश में अस्थिरता का माहौल बनता दिख रहा है। Interim Government के Press Secretary Shafiqul Alam ने कहा कि कुछ ताकतें चुनाव से पहले माहौल बिगाड़ना चाहती हैं। Awami League Ban के बाद भी देश में पार्टी का समर्थन तेजी से बढ़ रहा है। Political observers का मानना है कि Sheikh Hasina की Popularity फिर से उभर रही है।

कट्टरपंथियों को ताकत मिलने से जनता नाराज़

Yunus के कार्यकाल में radical elements को जिस तरह से Political Space मिला है, उससे आम जनता और राजनीतिक दलों में असंतोष है। जनता को उम्मीद थी कि Awami League की विदाई के बाद देश में positive reforms आएंगे, लेकिन कट्टरपंथ को बढ़ावा मिलने से देश का माहौल और बिगड़ गया है।

इस्तीफे की धमकी देकर बचना चाह रहे हैं Yunus?

कुछ दिन पहले Mohammad Yunus ने Resignation Threat देते हुए कहा था कि अगर हालात नहीं सुधरे तो वे पद छोड़कर कहीं और बस जाएंगे। अब वे सत्ता न संभाल पाने का दोष भी भारत पर मढ़ रहे हैं।

मन्ना के अनुसार Yunus ने मीटिंग में कहा—

“अगर मैं Free and Fair Election नहीं करा सका तो अफसोस रहेगा। देश युद्ध जैसे हालात में है, लेकिन जब तक मैं हूं, कोई भी Bangladesh के हितों के खिलाफ नहीं जा सकेगा।”