Hemkund Sahib Yatra 2025: कपाट खुले, पहले ही दिन पहुंचे 4,500 श्रद्धालु, चारधाम यात्रा में उमड़ी आस्था

उत्तराखंड के हिमालयी धामों की आध्यात्मिक यात्रा में एक और पवित्र अध्याय जुड़ गया है। रविवार, 25 मई 2025 को श्री हेमकुंड साहिब के कपाट विधिवत रूप से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इसी के साथ अब Char Dham Yatra in Uttarakhand के साथ Hemkund Sahib Yatra 2025 भी शुरू हो चुकी है।

इस शुभ अवसर पर हजारों की संख्या में संगत (श्रद्धालु) पवित्र दर्शन के लिए गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब पहुंचे, जहां पहले ही दिन करीब 4,500 श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारे में मत्था टेका।

पांच प्यारों की अगुवाई में शुरू हुआ दर्शन

रविवार सुबह पांच प्यारों की अगुवाई में श्री गुरु ग्रंथ साहिब को सचखंड से दरबार साहिब में विधिपूर्वक विराजमान किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू किए गए। इस पूरे आयोजन में सिख परंपराओं और मान्यताओं का पूर्णतः पालन किया गया।

आध्यात्मिकता, परंपरा और विरासत का संगम

Hemkund Sahib, सिख श्रद्धालुओं के लिए एक अत्यंत पावन स्थल है, जो समुद्र तल से 15,200 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इसे गुरु गोविंद सिंह जी की तपस्थली माना जाता है। Hemkund Gurudwara Management Trust के अध्यक्ष सरदार नरेंद्र जीत बिन्द्रा ने बताया कि गुरुद्वारा के कपाट खोलते समय हर वर्ष की तरह इस बार भी सभी परंपराओं और मर्यादाओं का पूरा सम्मान किया गया।

हेमकुंड साहिब के पहले ग्रंथी थे एक हिन्दू

यह जानकर गर्व होता है कि Hemkund Sahib Gurudwara के पहले ग्रंथी नन्दा सिंह, चमोली के भ्यूंडार पुलना गांव के एक हिंदू परिवार से थे। बाबा नन्दा सिंह को ‘सुखमनी साहिब’ के पाठ में इतनी सिद्धि प्राप्त थी कि उन्हें पंजाब और अन्य राज्यों में आमंत्रित किया जाता था।

उनके भतीजे भवान सिंह चौहान, जो पेशे से वरिष्ठ अधिवक्ता हैं, बताते हैं कि यह उनके परिवार के लिए गुरुकृपा से मिला एक अनमोल सौभाग्य था कि उनके पूर्वज इस पवित्र सेवा में पहले ग्रंथी बने।

चारधाम यात्रा भी पूरे जोरों पर, गंगोत्री-यमुनोत्री में भी उमड़ी आस्था

इससे पहले 30 मई को गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के कपाट खुलने के साथ Uttarakhand Char Dham Yatra 2025 का विधिवत शुभारंभ हुआ। अब हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने से चारधाम के साथ सिख श्रद्धालुओं के लिए भी यात्रा की शुरुआत हो गई है।

श्रद्धा, सेवा और समर्पण का पर्व है हेमकुंड यात्रा

Hemkund Sahib Yatra केवल एक तीर्थ यात्रा नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव है। यहाँ आने वाले श्रद्धालु प्रकृति की गोद में आस्था, सेवा और संयम का भाव लेकर आते हैं। उत्तराखंड सरकार और गुरुद्वारा प्रबंधन की सुव्यवस्था ने यात्रा को आसान और सुगम बना दिया है।

अब जब चारधाम और हेमकुंड यात्रा दोनों प्रारंभ हो चुके हैं, उत्तराखंड एक बार फिर “Spiritual Capital of India” बनने की ओर अग्रसर है।