Shashi Tharoor News: कांग्रेस कर रही है अपमान? थरूर बोले- “इतनी आसानी से नहीं…”

Operation Sindoor Diplomacy के तहत भारत द्वारा भेजे जा रहे Foreign Delegation को लेकर कांग्रेस और केंद्र सरकार के बीच टकराव अब और तेज हो गया है। लेकिन इस बीच कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने पूरे विवाद से खुद को अलग करते हुए एक संतुलित और राष्ट्रहित में दिया गया बयान सामने रखा है।

 देश संकट में हो तो राजनीति नहीं, सेवा जरूरी: शशि थरूर

थरूर ने कहा, “जब देश संकट में हो और केंद्र सरकार एक नागरिक से मदद मांगे, तो इसका और क्या उत्तर हो सकता है?” उन्होंने साफ कहा कि उन्हें इसमें कोई राजनीति नहीं दिखती और यह अवसर राष्ट्रीय सेवा का है, न कि दलगत राजनीति का।

 “मुझे इतनी आसानी से अपमानित नहीं किया जा सकता”

जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या कांग्रेस पार्टी उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश कर रही है, तो थरूर ने आत्मविश्वास से कहा, “मुझे इतनी आसानी से अपमानित नहीं किया जा सकता। मुझे अपनी काबिलियत पता है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने केंद्र सरकार से आमंत्रण मिलने के बाद पार्टी को सूचित कर दिया था।

 कांग्रेस में मतभेद: जयराम रमेश का तीखा बयान

कांग्रेस महासचिव Jairam Ramesh ने थरूर के प्रतिनिधिमंडल में चयन पर अप्रत्यक्ष नाराजगी जताते हुए कहा, “कांग्रेस में होना और कांग्रेस का होना, दोनों में फर्क है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब किसी सांसद को आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल में भेजा जाता है तो पार्टी की सहमति लेना आवश्यक होता है।

 कांग्रेस ने भेजे थे चार नाम, केवल एक को मिली मंजूरी

जयराम रमेश के अनुसार, कांग्रेस ने केंद्र को जिन चार सांसदों के नाम भेजे थे, उनमें आनंद शर्मा, गौरव गोगोई, सैयद नसीर हुसैन और राजा वड़िंग शामिल थे। लेकिन सरकार ने केवल आनंद शर्मा के नाम को ही स्वीकार किया और थरूर को सीधे आमंत्रित किया।

 थरूर के नेतृत्व में कौन-कौन जाएगा विदेश?

शशि थरूर के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल अमेरिका, ब्राज़ील, पनामा, गुयाना और कोलंबिया जाएगा। इस टीम में भाजपा के Tejasvi Surya, Bhubaneshwar Kalita, Shashank Mani Tripathi, LJP से शांभवी, JMM से सरफराज अहमद, TDP से हरीश बालयोगी, Shiv Sena से मिलिंद देवड़ा और वरिष्ठ राजनयिक Taranjit Singh Sandhu भी शामिल हैं।

 मुख्य बिंदु (Takeaways):

  • शशि थरूर ने खुद को राजनीति से अलग रखकर “राष्ट्र प्रथम” की भावना जताई।

  • कांग्रेस ने चयन प्रक्रिया पर नाराजगी जताई और थरूर के चयन को पार्टी नेतृत्व की अनदेखी बताया।

  • थरूर बोले- “राष्ट्रीय सेवा हर नागरिक का कर्तव्य है।”