Haldwani Registry Office Recruitment Scam: Employees without computer knowledge deployed!
Haldwani Registry Office News: हल्द्वानी के निबंधन कार्यालय में Help Desk Coordinator Recruitment को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। UCC (Uniform Civil Code) के तहत नियुक्त तीन हेल्प डेस्क कोऑर्डिनेटरों की नियुक्ति पर irregularities और nepotism के गंभीर आरोप लगे हैं। नगर निगम की पार्षद प्रीति आर्या ने इस मामले में Deputy Inspector General (Registration) से शिकायत दर्ज कराई है और इन नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की है।
कौन हैं ये Help Desk Coordinators?
सहायक महानिरीक्षक निबंधन, नैनीताल कार्यालय द्वारा जारी नियुक्ति पत्रों के अनुसार, दो हेल्प डेस्क कोऑर्डिनेटर को हल्द्वानी प्रथम और द्वितीय रजिस्ट्री ऑफिस में पोस्टिंग दी गई है, जबकि एक को हल्द्वानी स्थित सहायक महानिरीक्षक कार्यालय में नियुक्त किया गया है।
लेकिन शिकायत में कहा गया है कि इन कर्मचारियों को बेसिक कंप्यूटर स्किल्स और typing knowledge तक नहीं है। अब दफ्तर में उन्हें टाइपिंग की ट्रेनिंग दी जा रही है, जिससे सवाल उठ रहे हैं कि बिना योग्यता के उन्हें यह सरकारी पोस्ट कैसे मिल गई।
Nepotism और Favoritism के आरोप
शिकायत के अनुसार, तीनों हेल्प डेस्क कोऑर्डिनेटरों में से एक, रजिस्ट्री ऑफिस के कर्मचारी की भाभी हैं, दूसरा किसी कर्मचारी का साला, और तीसरी नियुक्ति एक सीनियर अधिकारी के करीबी रिश्तेदार को मिली है। इन तथ्यों के चलते भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर संदेह खड़ा हो गया है।
पार्षद की मांग और Youth Congress का समर्थन
पार्षद प्रीति आर्या ने मांग की है कि इन manipulated recruitments को रद्द किया जाए और नए सिरे से public recruitment process चलाया जाए ताकि स्थानीय, योग्य युवाओं को मौका मिल सके। वहीं Youth Congress के State Vice President हेमंत साहू ने RTI के जरिए जानकारी मांगी है और मामले की शिकायत CM Helpline Portal पर भी दर्ज कराई है।
Government Response: जांच के आदेश
सहायक महानिरीक्षक निबंधन (मुख्यालय) अतुल शर्मा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें recruitment fraud की शिकायत प्राप्त हुई है। इस पूरे मामले की जांच district level और state level दोनों पर होगी। जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
राज्यभर की भर्तियों पर भी उठे सवाल
आपको बता दें कि राज्य के 12 पंजीकरण कार्यालयों में 12 Help Desk Coordinators की तैनाती UCC के अंतर्गत NICSI (National Informatics Centre Services Inc.) outsourcing agency के माध्यम से की गई थी। हल्द्वानी केस सामने आने के बाद अब राज्यभर में हुई ऐसी नियुक्तियों की पारदर्शिता पर भी सवाल उठने लगे हैं।