कानपुर में आग का कहर: चमनगंज में पांच मंजिला इमारत में आग लगने से दंपत्ति और 3 बच्चों की मौत

कानपुर, उत्तर प्रदेश: शहर के प्रेमनगर इलाके में रविवार रात दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जब एक छह मंजिला रिहायशी इमारत में भयंकर आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि पूरी बिल्डिंग को चपेट में ले लिया। हादसे में एक ही परिवार के छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें पति-पत्नी, उनकी तीन बेटियां और एक ट्यूशन टीचर शामिल हैं।

 कैसे लगी आग?

जानकारी के अनुसार, अपार्टमेंट की पहली मंजिल पर स्थित जूते के कारखाने में रविवार रात करीब 8:30 बजे शॉर्ट सर्किट से आग लगी। फैक्ट्री में मौजूद केमिकल, सिलेंडर, और एसी के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में भयानक रूप ले लिया। तेज धमाकों की आवाज से पूरा इलाका थर्रा उठा।

आग बुझाने में जुटी रहीं 40+ दमकल गाड़ियां

सूचना मिलते ही दमकल विभाग, एसडीआरएफ, और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। 40 से ज्यादा दमकल गाड़ियों और देर रात पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा के नेतृत्व में रेस्क्यू ऑपरेशन चला। पास की इमारतों को तत्काल खाली कराया गया और क्षेत्र की बिजली सप्लाई काट दी गई।

परिवार का अंत: 6 लोगों की मौत

इस दर्दनाक हादसे में जूता कारोबारी दानिश, उनकी पत्नी नाजनीन, तीन मासूम बेटियां और उन्हें पढ़ाने आए ट्यूशन शिक्षक की झुलसकर मौत हो गई। करीब रात 3 बजे दमकलकर्मियों ने सभी के शव निकाले। वहीं दानिश के भाई कासिफ के परिवार और अन्य 4 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

 प्रशासन मौके पर

घटना की सूचना मिलते ही विधायक नसीम सोलंकी, महापौर प्रमिला पांडेय, एडीएम सिटी डॉ. राजेश कुमार, और तहसीलदार रितेश कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।

 बड़ी बातें एक नजर में

  • आग जूते के कारखाने से शुरू हुई, जो बंद पड़ा था।

  • इमारत में 6 मंजिलें थीं, सभी आग की चपेट में आईं।

  • 6 लोगों की मौत: पति-पत्नी, 3 बेटियां और ट्यूटर शामिल।

  • सिलेंडर और केमिकल के धमाके से दहला इलाका।

  • दमकल विभाग, एसडीआरएफ और प्रशासन मौके पर।

यह हादसा चेतावनी है

इस हादसे ने फिर से सवाल खड़ा कर दिया है — क्या रिहायशी इमारतों में फैक्ट्रियां चलाना सुरक्षित है? और क्या केमिकल और ज्वलनशील पदार्थों के लिए जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं?