Uttarakhand Panchayat Elections 2025: फिर टले चुनाव, जानिए क्या है असली वजह

उत्तराखंड (Uttarakhand) में पंचायत चुनाव (Panchayat Elections) एक बार फिर से टल गए हैं। प्रदेश की 7000 से ज्यादा Gram Panchayats में नियत समय पर चुनाव नहीं हो पा रहे हैं, जिसके चलते प्रशासकों (Administrators) का कार्यकाल एक बार फिर बढ़ाने की तैयारी है।

 Election Delay: क्या है असली वजह?

राज्य में हरिद्वार को छोड़कर बाकी सभी जिलों की ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 28 नवंबर 2024 को खत्म हो चुका था। इसके बाद क्षेत्र पंचायतों का कार्यकाल 30 नवंबर और जिला पंचायतों का कार्यकाल 2 दिसंबर 2024 को समाप्त हो गया। नियमानुसार, तब तक पंचायत चुनाव संपन्न हो जाने चाहिए थे।

लेकिन Government Notification के अनुसार, कुछ “unavoidable circumstances” के चलते चुनाव नहीं कराए जा सके।

क्यों नहीं हो पाए चुनाव?

  1. OBC Reservation Implementation अब तक अधर में है।

  2. Panchayati Raj Act Amendment (दो से अधिक बच्चों वाले जनप्रतिनिधियों पर प्रतिबंध) अभी लंबित है।

  3. Proper election process को पूरा करने में कम से कम 25-30 दिन का वक्त चाहिए।

  4. सरकारी विभागों के अनुसार, OBC आरक्षण लागू करने में भी 10–15 दिन का समय लगेगा।

 प्रशासकों का कार्यकाल क्यों बढ़ाया जा रहा है?

जब चुनाव तय समय पर नहीं हो पाए तो शासन ने सहायक विकास अधिकारी पंचायत (AVO Panchayat) को ग्राम पंचायतों का प्रशासक नियुक्त किया। बाद में, निवर्तमान ग्राम प्रधानों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।

इन प्रशासकों को 6 महीने के लिए अथवा नई पंचायत के गठन तक नियुक्त किया गया था, जिसका कार्यकाल अब मई 2025 में खत्म हो रहा है।

अब चुनाव की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण Administrator Tenure Extension की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

Panchayat Election Delay का असर

 Development Funds फंसे

वर्तमान में राज्य वित्त आयोग (State Finance Commission) और 15वें वित्त आयोग (15th Finance Commission) के तहत 12 जिलों में ₹16 करोड़ की राशि खर्च नहीं हो पा रही है। इसकी बड़ी वजह पंचायत प्रतिनिधियों के स्थान पर प्रशासकों की नियुक्ति है।

 Local Governance हो रही कमजोर

प्रशासकों की नियुक्ति से लोकतांत्रिक प्रक्रिया कमजोर हो रही है। निर्णय लेने की शक्ति अब जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों की बजाय सरकार द्वारा नियुक्त व्यक्तियों के पास है।

आगे क्या?

विभागीय अधिकारियों का मानना है कि अगर सारी प्रक्रिया तेज़ी से भी शुरू हो जाए, तब भी चुनाव कराने में जून से पहले की कोई संभावना नहीं दिख रही। हालांकि विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार यादव से संपर्क नहीं हो सका, लेकिन संकेत हैं कि जल्द ही Notification for Administrator Extension जारी किया जाएगा।