Forest Land Encroachment in Dehradun: रिटायर अधिकारी ने खोली पोल, जांच शुरू

देहरादून के Lachhiwala Range स्थित दूधली क्षेत्र में Illegal Land Encroachment और Forest Land Plotting के बड़े मामले का खुलासा हुआ है। वन विभाग से रिटायर हुए अनुभवी सर्वेयर सीपी डोभाल की शिकायत के बाद, Forest Conservator Shivalik Rajiv Dhiman ने इस गंभीर प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं।

डोभाल ने अपनी शिकायत में कहा है कि दूधली के Mohanpur Badkali Village और आसपास के Old Reserved Forest Area में कुछ लोगों ने अवैध रूप से पेड़ काटकर प्लॉटिंग और निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।

25 बीघा जमीन पर बढ़ता Encroachment

करीब दो महीनों तक गहन Survey और पुराने Maps और Records की जांच के बाद, डोभाल ने खुलासा किया कि लगभग 25 बीघा Reserved Forest Land पर अतिक्रमण हो चुका है, और यह सिलसिला लगातार जारी है।

डोभाल इससे पहले भी सैकड़ों हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवा चुके हैं, और इस मामले में उन्होंने वन विभाग के कुछ अफसरों और कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।

DFO ने भी मानी जांच की बात

Divisional Forest Officer (DFO) Neeraj Sharma ने पुष्टि की है कि इस मामले की जांच के लिए SDO Anil Rawat को जिम्मेदारी दी गई है। फिलहाल इलाके में पुनः Survey कराया जा रहा है। DFO ने कहा, “यदि Encroachment पाया गया, तो सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

Adhoiwala में भी बड़ा Encroachment मामला

Raipur Range के Adhoiwala क्षेत्र में भी करीब 250 बीघा वन भूमि पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है।

Uttarakhand Information Commission ने इस मामले में Forest Department के प्रमुख से जवाब तलब किया है। Information Commissioner Dilip Singh Kunwar ने निर्देश दिए हैं कि 7 मई तक वन विभाग अपना Written Response और Google Map Proof of Encroachment आयोग के सामने पेश करे।

कड़ी कार्रवाई का वादा

Forest Conservator Rajiv Dhiman ने कहा है, “शिकायतों के आधार पर न केवल Encroachment की जांच होगी बल्कि कर्मचारियों की भूमिका भी खंगाली जाएगी। यदि किसी की लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है, तो strict disciplinary action लिया जाएगा।”