पहलगाम हमला: Hamas जैसी रणनीति, सरकार की Israel Style Action की तैयारी

Pahalgam Terror Attack में सामने आया पैटर्न कई लोगों को हैरान कर गया है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए इस deadliest terror attack in two decades के बाद पूरे देश में आक्रोश है। सूत्रों के अनुसार, इस हमले की साजिश पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में रची गई और इसमें पाकिस्तान की सेना और ISI की मिलीभगत मानी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह हमला केवल The Resistance Front (TRF) का काम नहीं हो सकता, इसके पीछे बड़ा terror network और foreign terror outfits की मिलीभगत हो सकती है।

Hamas जैसी साजिश का खुलासा

इस हमले में जो attack pattern सामने आया, वह काफी हद तक Hamas द्वारा Israel पर किए गए हालिया हमलों जैसा है। दोनों ही मामलों में आम नागरिकों को निशाना बनाया गया, जब वे सामान्य जीवन का आनंद ले रहे थे। इससे संकेत मिलता है कि यह हमला केवल एक आतंकी गुट का नहीं, बल्कि एक बड़े cross-border terror nexus का हिस्सा हो सकता है।

Agencies की जांच में सामने आया आतंकी गठजोड़

सूत्रों के अनुसार, POK में करीब 75 दिन पहले हुए एक सम्मेलन में Hamas के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी देखी गई थी। उसी आयोजन में Lashkar-e-Taiba (LeT) और Lashkar-e-Mustafa (LeM) के शीर्ष आतंकी नेता भी शामिल थे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत और इजरायल के खिलाफ एकजुटता दिखाना था। इसका आयोजन 5 फरवरी को रावलकोट, POK में “Kashmir Solidarity and Hamas Operation Al-Aqsa Flood” के नाम से किया गया था। इसमें करीब 90-100 आतंकियों ने हिस्सा लिया। इनपुट्स के अनुसार, आतंकियों ने पुंछ से उसी रूट का इस्तेमाल किया जो उस सम्मेलन स्थल के नजदीक है।

Government का Hard-Hitting Response

भारत सरकार अब इस हमले का जवाब Israel-style precision strikes से देने की तैयारी में है। फिलहाल NIA (National Investigation Agency) और FSL (Forensic Science Laboratory) की टीमें मौके पर जांच कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस बार ऐसा सख्त संदेश देने की योजना में है जिससे दुश्मनों को उनके कृत्यों का खामियाजा भुगतना पड़े।

POK में Hamas की मौजूदगी पर सवाल

हालांकि, अभी तक direct involvement of Hamas को लेकर कोई निर्णायक सबूत नहीं मिला है, लेकिन terror collaboration theory पर गंभीरता से जांच हो रही है। Agencies यह भी देख रही हैं कि क्या Jaish-e-Mohammed, Lashkar-e-Taiba और Hamas के बीच कोई coordinated terror alliance बना है जो भारत के खिलाफ future attacks की योजना बना रहा है।

Jaish का सरगना फिर सक्रिय

जानकारी के अनुसार, Jaish-e-Mohammed chief भी हाल के दिनों में काफी सक्रिय हो गया है। यह संकेत दे रहा है कि आने वाले समय में और भी multi-group terror operations को अंजाम देने की कोशिश हो सकती है। यह भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा अलर्ट है।