Piyush Goyal का आरोप – गांधी परिवार ने Public Property से भरा अपना खजाना!

National Herald Money Laundering Case में एक बार फिर राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। Union Commerce Minister Piyush Goyal ने कांग्रेस पार्टी और खासकर Gandhi Family पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ED action का उद्देश्य “राष्ट्र की संपत्ति को बचाना” है, जिसे गांधी परिवार निजी हितों के लिए उपयोग करना चाहता था।

 संपत्ति का निजी इस्तेमाल करना चाहता था गांधी परिवार – Goyal का आरोप

पीयूष गोयल ने कहा कि Sonia Gandhi और Rahul Gandhi ने पत्रकारिता और जनहित के लिए दी गई संपत्ति को अपने कब्जे में लेने की conspiracy रची। उन्होंने कहा कि बंद हो चुका National Herald newspaper महज़ एक बहाना था ताकि सरकारी जमीन पर कब्जा किया जा सके।

“यह संपत्ति जनता की थी, न कि किसी राजनीतिक परिवार की जागीर,” गोयल ने मीडिया से बातचीत में कहा।

ED की जांच का मकसद – जनता की संपत्ति को वापस लाना

Goyal ने यह भी जोड़ा कि ED investigation केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि public interest की रक्षा के लिए की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की संपत्तियां मीडिया को press freedom के तहत दी जाती हैं, न कि किसी की निजी दौलत बढ़ाने के लिए।

“जब जांच शुरू हुई तो कांग्रेस सड़कों पर उतर आई। ये लोग सच्चाई से भाग रहे हैं,” गोयल ने कहा।

 कांग्रेस ने किया था Land Misuse और Fake Rent Agreements का इस्तेमाल

BJP spokesperson Pratyush Kanth ने कहा कि कांग्रेस ने इस मामले में fake rental agreements, advance rent payments और fabricated advertisements का सहारा लिया ताकि धनशोधन (money laundering) को अंजाम दिया जा सके। उन्होंने कांग्रेस के इस दावे को खारिज किया कि सोनिया और राहुल गांधी के खिलाफ सबूत नहीं हैं।

 क्या है 5000 करोड़ का Financial Scam?

गोयल ने दावा किया कि गांधी परिवार ने इस पूरी प्रक्रिया के जरिए करीब Rs 5000 crore worth property को अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश की। उन्होंने जोर दिया कि यह संपत्ति पत्रकारिता और जनता की सेवा के लिए थी, और इसे दोबारा public domain में लाना जरूरी है।

National Herald ED Case अब केवल एक कानूनी मसला नहीं रह गया, बल्कि यह एक बड़ा political controversy बन गया है। Piyush Goyal और BJP के आरोप जहां गांधी परिवार की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं, वहीं कांग्रेस इसे political vendetta बता रही है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में judicial system इस पर क्या रुख अपनाता है।