MP-MLA कोर्ट ने सुनाया फैसला, क्या फिर से सक्रिय होंगे सपा नेता Azam Khan?

रामपुर स्थित MP-MLA कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री Mohammad Azam Khan को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज तीन आपराधिक मामलों (criminal cases) में दाखिल Bail Applications को मंजूरी दे दी है। हालांकि, एक मामले में उन्हें झटका लगा है जहां उनकी जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया।

 कौन-कौन से मामले थे शामिल?

इन तीनों केसों में से दो केस Enemy Property Manipulation और Hate Speech Case से जुड़े हुए थे। आरोप है कि Azam Khan ने सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर (tampering with public records) किया और महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक बयान (objectionable remarks against women) दिए।

इन मामलों में Azam Khan की ओर से Advocate Vinod Sharma ने जमानत की अर्जी दाखिल की थी। बुधवार को कोर्ट में दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया था, जिसे गुरुवार को सुना दिया गया।

 गवाह को धमकाने के केस में Bail Reject

सरकारी वकील Sandeep Saxena के मुताबिक, Witness Threatening Case में Azam Khan की जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। यह मामला अब भी उनके लिए एक बड़ी कानूनी चुनौती बना हुआ है।

 क्या हैं जमानत की शर्तें?

MP-MLA कोर्ट ने जिन तीन मामलों में उन्हें जमानत दी है, उनमें प्रत्येक के लिए उन्हें ₹50,000 का निजी मुचलका (personal bond) और दो sureties पेश करने होंगे।