Raiwala Hit and Run: दो लोगों को मारी टक्कर, एक की मौत के बाद गंगनहर में फेंका शव, 2 गिरफ्तार

उत्तराखंड के रायवाला में सामने आए Hit and Run Case का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने सड़क हादसे में दो लोगों को टक्कर मारने के बाद एक व्यक्ति के शव को कथित तौर पर गंगनहर में फेंकने के मामले में वाहन चालक और उसके मौसेरे भाई को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, हादसे के बाद आरोपी घबरा गया था और उसने कथित तौर पर सबूत छिपाने के लिए अपने रिश्तेदार के साथ मिलकर शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई।

इस मामले का खुलासा उस समय हुआ जब हादसे में मृत व्यक्ति के परिवार की ओर से दर्ज कराई गई Missing Person Complaint की जांच शुरू हुई। गुमशुदगी और सड़क दुर्घटना की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंची।

पिता के लापता होने की शिकायत से शुरू हुई जांच

पुलिस के मुताबिक, हरियाणा निवासी दीपक राठी ने 29 जुलाई को अपने पिता प्रदीप राठी के लापता होने की शिकायत रायवाला थाने में दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने Missing Person Case दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की।

पुलिस टीम ने रायवाला थाना क्षेत्र और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया। इसके अलावा आने-जाने वाले प्रमुख रास्तों पर लगे CCTV Cameras की फुटेज भी खंगाली गई और स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई।

CCTV फुटेज से हादसे की कड़ी जुड़ी

जांच के दौरान पुलिस को 26 जुलाई की सुबह रायवाला स्थित वन डिपो के पास हुए एक सड़क हादसे की जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार, सुबह करीब 5:30 बजे एक अज्ञात वाहन ने सड़क पर जा रहे दो लोगों को टक्कर मार दी थी।

हादसे में राजस्थान निवासी सत्यनारायण गंभीर रूप से घायल हुए थे और उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं दूसरे घायल व्यक्ति की तत्काल पहचान नहीं हो पाई थी।

पुलिस ने दुर्घटना की CCTV Footage गुमशुदा प्रदीप राठी के परिवार को दिखाई। परिजनों ने फुटेज में नजर आ रहे दूसरे व्यक्ति की पहचान प्रदीप के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश तेज कर दी।

पुलिस की पूछताछ में सामने आई पूरी कहानी

जांच के दौरान पुलिस ने हादसे में इस्तेमाल किए गए वाहन की पहचान की और चालक रविन्द्र सिंह नेगी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने हादसे से जुड़ी घटनाओं का खुलासा किया।

आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि 26 जुलाई की सुबह वाहन चलाते समय उसे अचानक झपकी आ गई थी। इसी दौरान उसकी Max Vehicle ने सड़क पर जा रहे दो कांवड़ियों को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद एक व्यक्ति सड़क पर गिर गया, जबकि दूसरा वाहन में फंस गया और कुछ दूरी तक घसीटता चला गया।

अस्पताल ले जाते समय एक की मौत का पता चला

पुलिस के अनुसार, आरोपी दोनों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की बात कह रहा था। इसी दौरान उसे पता चला कि वाहन में फंसे व्यक्ति की मौत हो चुकी है।

आरोपी के मुताबिक, इसके बाद वह घबरा गया और उसने अपने मौसेरे भाई सौरभ सिंह पंवार को बुलाया। दोनों ने कथित तौर पर शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई, ताकि घटना के सबूत छिपाए जा सकें।

सुनसान जगह पर गंगनहर में फेंका शव

पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने मौका देखकर शव को आसफनगर झाल से आगे एक सुनसान स्थान पर गंगनहर में फेंक दिया। इसके बाद मामले को छिपाने की कोशिश की गई।

हालांकि, प्रदीप राठी के लापता होने की शिकायत और सड़क दुर्घटना की जांच के दौरान पुलिस ने दोनों घटनाओं के बीच संबंध स्थापित कर लिया। CCTV Investigation और पूछताछ के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।

दोनों आरोपी गिरफ्तार, वाहन जब्त

दून पुलिस ने 1 अगस्त को वाहन चालक रविन्द्र सिंह नेगी और उसके मौसेरे भाई सौरभ सिंह पंवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल Max Vehicle को भी कब्जे में ले लिया है।

फिलहाल गंगनहर में फेंके गए शव की तलाश जारी है। पुलिस की टीम शव बरामद करने के लिए अभियान चला रही है। मामले में आगे की जांच के साथ दुर्घटना के अन्य पहलुओं और आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

CCTV और गुमशुदगी की जांच से खुला केस

रायवाला Hit and Run Case में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अज्ञात व्यक्ति की पहचान और वाहन चालक तक पहुंचना था। लेकिन प्रदीप राठी की गुमशुदगी की शिकायत, हादसे की जानकारी, परिजनों से हुई पहचान और CCTV फुटेज की जांच के जरिए पुलिस ने दोनों मामलों को जोड़ दिया।

अब पुलिस शव की बरामदगी के साथ मामले में जुटाए गए अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।