Badrinath Donation Theft Case: चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी प्रमोद नौटियाल ने कबूला जुर्म, घर से मिले चांदी के सिक्के और कैश

Badrinath Temple Donation Theft Case में जांच लगातार तेज होती जा रही है। उत्तराखंड के चमोली जिले में चल रही SIT Investigation के दौरान बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के निलंबित पर्सनल असिस्टेंट प्रमोद नौटियाल ने कथित तौर पर चढ़ावे में हेराफेरी में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली है। पुलिस की पूछताछ और तलाशी अभियान के दौरान उसके आवास से चांदी के सिक्के, आभूषण, नेपाली करेंसी और नकदी बरामद की गई है।

एसआईटी की तलाशी में मिली अहम बरामदगी

चमोली पुलिस की Special Investigation Team (SIT) ने पुलिस रिमांड के दौरान बद्रीनाथ धाम स्थित आरोपी के सरकारी आवास की तलाशी ली। अधिकारियों के अनुसार कमरे से चांदी के सिक्के, चांदी की छोटी मूर्तियां, चांदी के कछुए, नेपाली मुद्रा की गड्डियां और नकदी बरामद हुई है।

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि बरामद सामान का संबंध Temple Donation और चढ़ावे में कथित गड़बड़ी से है या नहीं।

पूछताछ में जुर्म कबूल करने का दावा

जांच अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ के दौरान प्रमोद नौटियाल ने मामले में अपनी भूमिका स्वीकार की है। हालांकि पुलिस इस स्वीकारोक्ति के साथ-साथ अन्य साक्ष्यों की भी गहन जांच कर रही है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।

संपत्ति के दस्तावेज भी जब्त

SIT ने आरोपी की संपत्तियों से जुड़े कई दस्तावेज भी कब्जे में लिए हैं। इन दस्तावेजों की जांच के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि संबंधित संपत्तियां किस प्रकार अर्जित की गईं और क्या उनका संबंध कथित वित्तीय अनियमितताओं से है।

फिलहाल पूछताछ में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दोबारा न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

वीआईपी दर्शन से जुड़े फंड की भी जांच

प्रमोद नौटियाल को 12 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। वह बद्रीनाथ मंदिर में VIP Protocol के समन्वय और दान की गिनती की निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगा रही हैं कि VIP Darshan Fund और अन्य दान राशि का प्रबंधन किस तरह किया गया और कहीं उसमें भी कोई अनियमितता तो नहीं हुई।

कई स्तरों पर चल रही जांच

Badrinath Temple Donation Scam की जांच फिलहाल कई स्तरों पर जारी है। एक ओर BKTC की चार सदस्यीय आंतरिक समिति अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप चुकी है, वहीं चमोली पुलिस की SIT पूरे मामले की आपराधिक जांच कर रही है। इसके अलावा उत्तराखंड सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति भी स्वतंत्र रूप से पूरे प्रकरण की समीक्षा कर रही है।