Murshidabad Violence: अदालत का बड़ा फैसला, केंद्रीय बलों की तैनाती और ममता सरकार पर तीखी टिप्पणी

हिंसा, राजनीति और सुरक्षा: मुर्शिदाबाद बना पश्चिम बंगाल का नया हॉटस्पॉट

कोलकाता | Murshidabad Violence Update: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद ज़िले में Wakf (Amendment) Act 2025 के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन ने गंभीर रूप ले लिया है। Suti और Samserganj जैसे इलाकों में भड़की हिंसा में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें एक पिता-पुत्र भी शामिल हैं। बढ़ती Law and Order की समस्या को देखते हुए Calcutta High Court ने CAPF deployment (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती) का आदेश दिया है।

जस्टिस सौमेन सेन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा –

“ऐसे हालात में कोर्ट आंखें मूंद कर नहीं बैठ सकता। आम जनता को सुरक्षा देना हमारा दायित्व है।”

ममता बनर्जी का बयान: “हमने यह कानून नहीं बनाया”

Chief Minister Mamata Banerjee ने स्पष्ट किया कि यह कानून केंद्र सरकार द्वारा पारित किया गया है और उनकी सरकार इसका समर्थन नहीं करती। उन्होंने कहा:

“हमने यह कानून लागू नहीं किया है और इसे पश्चिम बंगाल में लागू नहीं किया जाएगा। अगर किसी को जवाब चाहिए तो वो केंद्र से पूछे।”

BSF की पांच कंपनियां तैनात, राज्य में इंटरनेट सेवाएं बंद

स्थिति को कंट्रोल में लाने के लिए Ministry of Home Affairs (MHA) के निर्देश पर BSF की 5 कंपनियों को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया है। IG South Bengal Frontier Karni Singh Shekhawat ने बताया कि BSF राज्य पुलिस के साथ मिलकर काम कर रही है और ज़रूरत पड़ने पर और भी बल भेजे जाएंगे।

BSF अधिकारी ने मीडिया से कहा:

“हम यहां independent action के लिए नहीं, पुलिस की मदद के लिए हैं। शांति बहाल करना प्राथमिकता है।”

मौजूदा हालात:

  • लगभग 300 BSF jawans पहले से स्थानीय रूप से तैनात

     

  • Train services disrupted for 6 hours between Dhulian Ganga and Nimtita

     

  • Curfew और Internet Shutdown लागू

     

  • 138 arrests so far

     

  • Railway और Police properties को damage किया गया

     

प्रदर्शन बना हिंसक, गोलीबारी में मजदूर घायल

Shamsherganj के धुलियान इलाके में बीड़ी फैक्ट्री के दो श्रमिकों को गोली मार दी गई। दोनों को Murshidabad Medical College में भर्ती किया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

PIL पर हाईकोर्ट की सुनवाई, NIA जांच की मांग

BJP नेता Suvendu Adhikari की ओर से वकील Aneesh Mukherjee ने PIL (Public Interest Litigation) दाखिल करते हुए NIA investigation और Central Force की तैनाती की मांग की। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 17 अप्रैल को तय की है।

Wakf (Amendment) Act 2025: विवादित कानून की पृष्ठभूमि

यह कानून 8 अप्रैल 2025 को राज्यसभा में 12 घंटे की बहस के बाद पास हुआ था, जिसमें 128 सांसदों ने पक्ष में और 95 ने विरोध में वोट किया था। इसका विरोध खासकर मुस्लिम समुदाय के कुछ वर्गों से हो रहा है।

Governor CV Ananda Bose का रिएक्शन

West Bengal Governor ने भी मुर्शिदाबाद की स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने Calcutta High Court के हस्तक्षेप को “सकारात्मक और ज़रूरी कदम” बताया।

क्या ममता सरकार पर बढ़ेगा दबाव?

Murshidabad Violence अब सिर्फ कानून-व्यवस्था का मामला नहीं रहा, बल्कि political and communal tension का रूप ले चुका है। High Court intervention, BSF deployment, और internet shutdown इस बात का संकेत है कि स्थिति सामान्य नहीं है। आने वाले दिनों में इस मामले पर NIA probe और political blame game और तेज़ हो सकता है।