Major initiative by AIIMS Rishikesh: Special OPD counter launched for patients from Uttarakhand.
उत्तराखंड के लोगों के लिए AIIMS Rishikesh से राहत भरी खबर सामने आई है। अब राज्य के नागरिकों के लिए संस्थान में Special Integrated OPD Counter की शुरुआत कर दी गई है। इस नई सुविधा के माध्यम से मरीजों को OPD Registration, Billing, IPD, Discharge और अन्य संबंधित सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी, जिससे अस्पताल में लगने वाला समय और भागदौड़ दोनों कम होंगे।
AIIMS में हुआ नए काउंटर का उद्घाटन
एम्स ऋषिकेश में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान संस्थान की निदेशक प्रो. मीनू सिंह और स्थानीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने संयुक्त रूप से इस नए Integrated OPD Counter का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखंड के मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं के दौरान होने वाली परेशानियों को देखते हुए लंबे समय से इस सुविधा की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। उन्होंने बताया कि एम्स प्रशासन के साथ लगातार संवाद और प्रयासों के बाद यह सुविधा अब आम जनता के लिए शुरू हो सकी है।
एक ही काउंटर पर मिलेंगी कई सुविधाएं
नई व्यवस्था के तहत उत्तराखंड के मरीजों को अलग-अलग काउंटरों पर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। अब OPD Registration, Billing, IPD Services, Discharge Process और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं एक ही काउंटर पर पूरी की जा सकेंगी।
इससे मरीजों और उनके परिजनों का समय बचेगा, अस्पताल में अनावश्यक भीड़ कम होगी और स्वास्थ्य सेवाएं पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बन सकेंगी।
पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को होगी सबसे ज्यादा राहत
इस पहल का सबसे अधिक लाभ उत्तराखंड के दूरस्थ और Hill Areas से आने वाले मरीजों को मिलेगा। लंबी दूरी तय करके एम्स पहुंचने वाले लोगों को अब अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एकीकृत व्यवस्था के कारण इलाज से जुड़ी औपचारिकताएं पहले से अधिक आसान और तेज होंगी।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में अहम कदम
एम्स प्रशासन का मानना है कि यह Patient-Friendly Initiative स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आधुनिक Hospital Management System के जरिए मरीजों को बेहतर अनुभव देने और सेवाओं को सरल बनाने का प्रयास किया गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस सुविधा से न केवल मरीजों की परेशानी कम होगी, बल्कि अस्पताल की कार्यप्रणाली भी अधिक सुव्यवस्थित होगी और सेवा वितरण की गुणवत्ता में सुधार आएगा।