Iran's major response! Missiles fired at Jordan base following US strikes; Ghalibaf issues an open warning.
मध्य पूर्व में Iran-US Conflict एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है। ईरान की Revolutionary Guards ने दावा किया है कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के जवाब में उसने जॉर्डन स्थित Azraq Military Base की ओर 10 Ballistic Missiles दागे। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका की ओर से आगे भी सैन्य कार्रवाई की गई तो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकाने निशाने पर रहेंगे।
वहीं जॉर्डन सरकार ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान से दागी गई आठ मिसाइलों को रास्ते में ही रोक दिया। सरकारी एजेंसी के अनुसार इस घटना में किसी के हताहत होने या किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।
गालीबाफ की अमेरिका को चेतावनी
ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अमेरिका को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अब दबाव और धमकी की राजनीति की कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि यदि हमला किया जाएगा तो उसका जवाब भी मिलेगा। साथ ही उन्होंने आगे किसी भी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को क्षेत्रीय समझौतों के खिलाफ बताया।
अमेरिकी हमलों के बाद बढ़ा तनाव
ईरानी अधिकारियों के अनुसार 8 और 9 जुलाई को हुए अमेरिकी हमलों में कई लोगों की मौत और दर्जनों लोग घायल हुए। ईरानी मीडिया ने दावा किया कि कुछ हमलों में व्यापारिक रेल मार्ग और अन्य रणनीतिक ठिकानों को भी नुकसान पहुंचा।
इस बीच Bushehr Province और Bandar Abbas में कई धमाकों की खबरें सामने आईं। बुशेहर में रूस की मदद से बना परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थित है। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक इस क्षेत्र के बाहरी हिस्से में भी एक अमेरिकी प्रोजेक्टाइल गिरा, हालांकि नुकसान की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
Strait of Hormuz बना तनाव का केंद्र
हालिया तनाव की शुरुआत Strait of Hormuz में तीन तेल टैंकरों पर हुए हमलों के बाद हुई। अमेरिका ने इन घटनाओं के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया, जबकि इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के कई ठिकानों पर हमले किए। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए अहम जलमार्ग को सुरक्षित रखना है।
दूसरी ओर, ईरान की Revolutionary Guards Navy ने दावा किया कि अमेरिकी हस्तक्षेप से जलमार्ग को सामान्य बनाने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। ईरान ने यह भी कहा कि उसकी निगरानी में समुद्री यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है और भविष्य में किसी भी नए अमेरिकी हस्तक्षेप का कड़ा जवाब दिया जाएगा।
कूटनीतिक प्रयास भी जारी
तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araqchi ने ओमान और तुर्किये के विदेश मंत्रियों से अलग-अलग बातचीत की। ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार सभी पक्षों ने क्षेत्रीय तनाव कम करने और Diplomatic Channels के जरिए समाधान तलाशने की आवश्यकता पर जोर दिया।
ट्रंप का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया पर कहा कि हालिया अमेरिकी कार्रवाई टैंकरों पर हुए हमलों के जवाब में की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसी घटनाएं दोबारा होती हैं तो प्रतिक्रिया और अधिक सख्त हो सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका किसी लंबे सैन्य अभियान की ओर नहीं बढ़ना चाहता।
स्थायी शांति पर अब भी संशय
हालांकि दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम और स्थायी समाधान को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन ताजा घटनाक्रम से यह साफ है कि क्षेत्र में तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि Middle East Tension, Strait of Hormuz Security और Iran-US Relations आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर डाल सकते हैं।