Midnight action in Rampur! 150-year-old shrine removed for road widening.
उत्तर प्रदेश के Rampur News में मंगलवार देर रात प्रशासन ने सड़क चौड़ीकरण अभियान के तहत लगभग 150 वर्ष पुरानी हजरत बैरम शाह मियां की मजार को हटा दिया। यह कार्रवाई जौहर बाईपास पर की गई, जहां मजार सड़क विस्तार कार्य में बाधा मानी जा रही थी। पूरे अभियान को सुरक्षा व्यवस्था के बीच अंजाम दिया गया और मलबे को भी तुरंत मौके से हटवा दिया गया।
भारी सुरक्षा के बीच चला ‘Midnight Operation’
प्रशासन ने कार्रवाई से पहले पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। चार थानों की पुलिस के साथ पुलिस लाइन से अतिरिक्त बल तैनात किया गया। विभिन्न मार्गों पर बैरिकेडिंग कर यातायात को डायवर्ट किया गया ताकि अभियान के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो। देर रात पीडब्ल्यूडी की टीम बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंची और निर्धारित प्रक्रिया के तहत ढांचे को हटाने का कार्य पूरा किया।
सड़क चौड़ीकरण परियोजना का हिस्सा
प्रशासन के अनुसार, जौहर बाईपास के Road Widening Project के चलते इस स्थल को हटाने की प्रक्रिया काफी समय से चल रही थी। संबंधित विभागों ने वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र के स्थानीय प्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों से बातचीत के बाद ही यह कदम उठाया गया।
प्रशासन का दावा- आपसी सहमति से हुई कार्रवाई
अजीमनगर थाना प्रभारी ने बताया कि मजार हटाने की पूरी प्रक्रिया कानूनी प्रावधानों के तहत और स्थानीय स्तर पर संवाद के बाद पूरी की गई। सुरक्षा व्यवस्था केवल एहतियात के तौर पर रखी गई थी। प्रशासन के मुताबिक अभियान के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना या विरोध की स्थिति सामने नहीं आई।
मुतवल्ली ने बताई अपनी बात
मजार के मुतवल्ली नासिर मियां का कहना है कि यह दरगाह करीब 150 वर्ष पुरानी थी और वे पिछले लगभग 30 वर्षों से इसकी देखरेख कर रहे थे। उनके अनुसार, कुछ दिन पहले प्रशासन की ओर से सामान हटाने का नोटिस दिया गया था। उन्होंने मजार को बचाने के लिए कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर प्रयास किए, लेकिन अंततः ढांचा हटाने की कार्रवाई रोक नहीं सके।