Controversy over goats in Mira Road society, protest citing High Court order
मुंबई में बकरीद (Bakrid 2026) से पहले मीरा रोड इलाके की एक हाउसिंग सोसायटी में बड़ा विवाद खड़ा हो गया। मामला पूनम स्टेट क्लस्टर-1 सोसायटी का है, जहां कथित तौर पर कुर्बानी के लिए लाए गए बकरों को रखने पर रहवासियों ने विरोध शुरू कर दिया। विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिस और प्रशासन को मौके पर पहुंचना पड़ा।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
जानकारी के मुताबिक, सोमवार को सोसायटी परिसर में करीब 25 बकरियां लाई गई थीं। इन्हें रखने के लिए वहां एक अस्थायी टीन शेड भी बनाया गया। कुछ रहवासियों ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सोसायटी के अंदर ऐसा इंतजाम बिना अनुमति और बिना किसी आधिकारिक मीटिंग के किया गया।
स्थानीय लोगों का कहना था कि Residential Area में इस तरह की व्यवस्था से असुविधा बढ़ रही है। साथ ही उन्होंने Bombay High Court के उस आदेश का हवाला दिया, जिसमें बिना अनुमति रिहायशी इलाकों में कुर्बानी पर रोक की बात कही गई है।
प्रशासन ने हटवाया टीन शेड
सोसायटी के निवासियों, स्थानीय भाजपा नेताओं और कुछ हिंदू संगठनों की शिकायत के बाद सिविक बॉडी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए अस्थायी टीन शेड को हटवा दिया। हालांकि, शेड हटने के बाद भी बकरे सोसायटी परिसर में ही मौजूद रहे, जिससे तनाव कम नहीं हुआ।
रात में बढ़ा तनाव, युवक पर हमला
सोमवार देर रात विवाद और बढ़ गया। बहस और धक्का-मुक्की के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने ब्लेड से एक युवक पर हमला कर दिया। हमले में युवक घायल हो गया। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई और सोसायटी के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।
सोसायटी पदाधिकारियों ने क्या कहा?
सोसायटी के पदाधिकारियों का कहना है कि परिसर के अंदर कुर्बानी की कोई अनुमति नहीं दी गई थी। उनके अनुसार, बनाया गया टीन शेड केवल बकरियों को अस्थायी रूप से रखने के लिए था।
वहीं, मंगलवार को बड़ी संख्या में रहवासियों ने प्रदर्शन किया और High Court Guidelines का हवाला देते हुए कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि किसी भी Residential Society में बिना अनुमति धार्मिक गतिविधियां आयोजित नहीं की जानी चाहिए।
Mumbai Bakrid Controversy पर बढ़ी सियासत
यह मामला अब स्थानीय राजनीति और सोशल Media पर भी चर्चा का विषय बन गया है। कई लोग इसे कानून और व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग धार्मिक भावनाओं से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।