गेमिंग की लत और कर्ज ने छीनी किशोर की जिंदगी, आखिरी वीडियो ने खोले कई राज

Uttarakhand के Kaladhungi क्षेत्र से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। यहां 17 वर्षीय एक छात्र ने कथित तौर पर ऑनलाइन गेमिंग और कर्ज के दबाव में जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद से इलाके में सनसनी फैली हुई है।
बताया जा रहा है कि किशोर पॉलीटेक्निक कॉलेज का प्रथम वर्ष का छात्र था और Online Game खेलने के दौरान पैसे हारने के कारण उधारी के जाल में फंस गया था। मरने से पहले छात्र ने एंबुलेंस और अस्पताल में कुछ वीडियो रिकॉर्ड किए, जो अब सोशल मीडिया पर Viral हो रहे हैं।

मौत से पहले Video में लगाए गंभीर आरोप

वायरल वीडियो में किशोर ने एक युवक पर उधार के पैसे को लेकर दबाव बनाने और धमकाने का आरोप लगाया है। छात्र ने दावा किया कि उसने तीन हजार रुपये उधार लिए थे, जिन्हें वह Online Gaming में हार गया।
वीडियो में उसने कथित तौर पर कहा कि लगातार दबाव और धमकियों के कारण वह मानसिक तनाव में था। हालांकि वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन परिवार ने इन रिकॉर्डिंग्स को पुलिस को सौंप दिया है।

अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत

जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह किशोर ने घर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिवार उसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटाबाग ले गया, जहां से उसे गंभीर स्थिति में Dr. Sushila Tiwari Hospital रेफर किया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

परिवार ने लगाए पुलिस और आरोपी पर गंभीर आरोप

मृतक के पिता ने कोटाबाग निवासी एक युवक के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि उनके बेटे को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे वह टूट गया। परिजनों ने पुलिस पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि क्षेत्र में जुआ, सट्टा और Online Betting खुलेआम चल रही है, लेकिन प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा। गुस्साए परिजनों ने कोतवाली पहुंचकर प्रदर्शन भी किया।

“युवा बर्बाद हो रहे हैं” — परिवार का दर्द

परिवार का कहना है कि Online Gaming Addiction और सट्टेबाजी की वजह से युवा तेजी से बर्बाद हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि अवैध गेमिंग और ऑनलाइन सट्टे पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।

आरोपी युवक ने आरोपों से किया इनकार

जिस युवक पर पैसे के लिए दबाव बनाने का आरोप लगा है, उसने सभी आरोपों को गलत बताया। युवक ने एक वीडियो जारी कर कहा कि उसने केवल दोस्ती में पैसे उधार दिए थे और कभी धमकी नहीं दी। उसके मुताबिक, छात्र ने उससे एक-एक हजार रुपये करके कुल तीन हजार रुपये लिए थे और बाद में पांच हजार रुपये और मांग रहा था, जिसे देने से उसने इनकार कर दिया।

पुलिस हर एंगल से कर रही जांच

Dr. Manjunath TC ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, Online Gaming, पैसे के लेनदेन और मानसिक दबाव जैसे सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।

“Online Gaming Addiction भी नशे जैसा” — विशेषज्ञ

मनोचिकित्सक Dr. Nikita Deupa का कहना है कि Online Gaming Addiction एक प्रकार का Behavioral Addiction है, जो धीरे-धीरे मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकता है।
उनके अनुसार, लगातार गेम खेलने से दिमाग में डोपामाइन की आदत बनने लगती है, जिससे बच्चे वास्तविक दुनिया से कटने लगते हैं। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि बच्चों के मोबाइल उपयोग और गेमिंग गतिविधियों पर संवेदनशीलता के साथ नजर रखें।