Incomplete investigation even after 30 years? Why did the HC reprimand the CBI in the Rampur Tiraha case?
Rampur Tiraha Firing Case: उत्तराखंड आंदोलन से जुड़े बहुचर्चित Rampur Tiraha firing case (1994) में Uttarakhand High Court (HC) ने Central Bureau of Investigation (CBI) की जांच की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई है। अदालत ने जांच एजेंसी को सख्त निर्देश देते हुए 15 दिनों के भीतर केस की current status report पेश करने को कहा है।
HC का सख्त रुख, CBI से मांगी रिपोर्ट
मंगलवार को हुई सुनवाई में न्यायमूर्ति Pankaj Purohit की एकलपीठ ने CBI से पूछा कि इस मामले में अब तक क्या प्रगति हुई है, खासकर तत्कालीन Muzaffarnagar District Magistrate Anant Kumar से जुड़े पहलुओं पर। अदालत ने स्पष्ट किया कि इतने महत्वपूर्ण केस में देरी स्वीकार नहीं की जा सकती।
याचिकाकर्ता ने उठाए गंभीर सवाल
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता और Uttarakhand Andolankari Adhivakta Manch के अध्यक्ष Raman Shah ने कोर्ट को बताया कि पहले भी CBI को जांच की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि न तो UP Government और न ही CBI इस मामले में पारदर्शिता दिखा रही है।
CBI ने मांगा समय
CBI की ओर से अदालत को बताया गया कि यह मामला पहले Supreme Court में गया था और बाद में इसे Allahabad High Court को ट्रांसफर किया गया। राज्य पुनर्गठन के बाद केस से जुड़ी फाइलें Dehradun से Muzaffarnagar भेज दी गईं। एजेंसी ने कहा कि मौजूदा स्थिति स्पष्ट करने के लिए उसे और समय चाहिए। इस पर अदालत ने 15 दिन की deadline देते हुए अंतिम मौका दिया।
केस ट्रांसफर पर भी विवाद
याचिकाकर्ता ने देहरादून की CBI कोर्ट द्वारा केस को मुजफ्फरनगर ट्रांसफर करने के फैसले को भी चुनौती दी है। उनका कहना है कि इस तरह के case transfer से न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और निष्पक्ष जांच पर सवाल खड़े होते हैं।
IPC धाराओं को लेकर भी अहम मोड़
गौरतलब है कि CBI ने इस मामले में पहले IPC Section 304 (culpable homicide) के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। हालांकि, अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे IPC Section 302 (murder) में परिवर्तित कर संज्ञान लिया था। यह इस केस का एक महत्वपूर्ण कानूनी मोड़ माना जाता है।
सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला
इस मामले को लेकर याचिकाकर्ता पहले Supreme Court of India भी पहुंचे थे। शीर्ष अदालत ने उन्हें हाई कोर्ट में याचिका दायर करने की अनुमति दी थी, जिसके बाद यह केस अब Uttarakhand High Court में लंबित है।
Rampur Tiraha firing case उत्तराखंड आंदोलन के इतिहास का एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण अध्याय है। HC की सख्ती से साफ है कि अदालत अब इस मामले में accountability और transparency चाहती है। आने वाले 15 दिन यह तय करेंगे कि CBI जांच में क्या प्रगति हुई है और क्या पीड़ितों को न्याय मिलने की दिशा में कोई ठोस कदम बढ़ेगा।