Uttarakhand Disaster Management पर घमासान, हरदा का बड़ा बयान

उत्तराखंड के Chamoli district में आपदा प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लेने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री Harish Rawat थराली पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रभावित गांवों का दौरा कर ground reality को समझा और स्थानीय लोगों से सीधे संवाद किया।

Disaster Affected Areas का दौरा

हरिश रावत ने थराली बाजार से जनसंपर्क करते हुए चेपड़ो गांव का दौरा किया, जहां उन्होंने disaster affected families से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। लोगों ने उन्हें relief work और मुआवजे से जुड़ी परेशानियों के बारे में बताया।

सरकार की Disaster Management Policy पर सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की disaster management नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रभावित लोगों को पर्याप्त राहत नहीं मिल रही है। उनके अनुसार, compensation issue को लेकर केवल औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं।

River Erosion और Land Subsidence का खतरा

उन्होंने कहा कि थराली क्षेत्र में Pindar River के किनारे लगातार हो रहा river erosion भविष्य में बड़े खतरे का संकेत है। इसके अलावा land subsidence की समस्या भी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस और स्थायी समाधान नजर नहीं आ रहा।

अपनी सरकार के कार्यों का जिक्र

हरिश रावत ने अपने कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि 2014 की आपदा के दौरान प्रभावित परिवारों को:

₹5 लाख की सहायता
₹2 लाख अतिरिक्त मुख्यमंत्री राहत कोष से
केंद्र सरकार से भी मदद

दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में दी जा रही सहायता अपर्याप्त है।

पहले किए गए ऐलान के तहत दौरा

यह दौरा उनके पहले किए गए ऐलान का हिस्सा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि बजट सत्र के बाद वे Uttarakhand disaster zones का दौरा करेंगे। इससे पहले वे Dharali क्षेत्र का भी निरीक्षण कर चुके हैं।

कुल मिलाकर, Tharali disaster visit by Harish Rawat ने एक बार फिर Uttarakhand disaster management, relief work efficiency और compensation policy को लेकर बहस तेज कर दी है। अब देखना होगा कि सरकार इन मुद्दों पर क्या कदम उठाती है और प्रभावित लोगों को कितनी राहत मिलती है।