Congress in 'action mode' in Uttarakhand following Rahul Gandhi's mission; 50-member team ready.
उत्तराखंड में होने वाले आगामी Uttarakhand Assembly Elections को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी election strategy और political campaign planning तेज कर दी है। चुनाव भले ही अभी कुछ समय दूर हों, लेकिन राज्य में सियासी माहौल बनना शुरू हो गया है।
इसी कड़ी में Indian National Congress ने संकेत दिए हैं कि आगामी चुनाव में उसका खास फोकस Mid-Himalayan Region की विधानसभा सीटों पर रहेगा। यह वही क्षेत्र है जहां 2022 Assembly Elections में पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई थी। ऐसे में कांग्रेस अब इन क्षेत्रों से जुड़े स्थानीय मुद्दों को चुनावी एजेंडे में शामिल करने की रणनीति बना रही है।
इन छह जिलों की 24 सीटें कांग्रेस के लिए अहम
उत्तराखंड की राजनीति में पर्वतीय क्षेत्रों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी कारण कांग्रेस ने Gairsain के आसपास स्थित जिलों पर विशेष ध्यान देने की योजना बनाई है।
पार्टी की रणनीति के अनुसार Mid-Himalayan Belt में आने वाले छह जिले चुनावी दृष्टि से अहम हैं:
Almora
Bageshwar
Pauri Garhwal
Tehri Garhwal
Chamoli
Rudraprayag
इन छह जिलों में कुल 24 विधानसभा सीटें आती हैं, जो राज्य की चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
इन विधानसभा सीटों पर रहेगा फोकस
यदि सीटों के हिसाब से देखें तो इन जिलों में कई अहम विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं:
अल्मोड़ा जिला (6 सीटें)
Almora
Dwarahat
Jageshwar
Ranikhet
Salt
Someshwar
बागेश्वर जिला (2 सीटें)
Bageshwar
Kapkot
पौड़ी गढ़वाल जिला (5 सीटें)
Kotdwar
Pauri
Chaubattakhal
Srinagar, Uttarakhand
Yamkeshwar
टिहरी गढ़वाल जिला (6 सीटें)
Tehri
Pratapnagar
Devprayag
Dhanaulti
Narendranagar
Ghansali
चमोली जिला (3 सीटें)
Badrinath
Karnaprayag
Tharali
रुद्रप्रयाग जिला (2 सीटें)
Kedarnath
Rudraprayag
2022 चुनाव में कमजोर रहा कांग्रेस का प्रदर्शन
2022 Uttarakhand Assembly Elections में इन 24 सीटों पर कांग्रेस का प्रदर्शन कमजोर रहा था। पार्टी को सिर्फ चार सीटों पर जीत मिली थी।
इनमें शामिल थीं:
Almora
Dwarahat
Pratapnagar
Badrinath
बाकी अधिकांश सीटों पर Bharatiya Janata Party ने जीत दर्ज की थी। यही कारण है कि कांग्रेस अब इन क्षेत्रों में अपनी political outreach strategy को मजबूत करने की तैयारी कर रही है।
Gairsain को स्थायी राजधानी बनाने का मुद्दा
कांग्रेस लंबे समय से Gairsain को उत्तराखंड की permanent capital बनाने की मांग उठाती रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Ganesh Godiyal का कहना है कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों के संतुलित विकास के लिए गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करना जरूरी है। इससे Mid-Himalayan districts में विकास की गति तेज होगी और स्थानीय समस्याओं का समाधान बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।
सामाजिक और भावनात्मक मुद्दों को भी मिलेगा स्थान
कांग्रेस की चुनावी रणनीति केवल राजधानी के मुद्दे तक सीमित नहीं है। पार्टी local sentiments, regional development issues और social justice topics को भी अपने election agenda में शामिल करने की तैयारी कर रही है।
हाल के समय में चर्चा में रहे Ankita Bhandari murder case को भी पार्टी राजनीतिक और सामाजिक मुद्दे के रूप में उठाने के संकेत दे रही है।
भाजपा का पलटवार
दूसरी ओर Bharatiya Janata Party का कहना है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर केवल राजनीति कर रही है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष Mahendra Bhatt के अनुसार, गैरसैंण को summer capital घोषित करने का फैसला भाजपा सरकार के कार्यकाल में ही लिया गया था। उनका कहना है कि जब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी, तब इस दिशा में ठोस कदम क्यों नहीं उठाए गए।
चुनाव से पहले फिर गरमाए पहाड़ी मुद्दे
आगामी Uttarakhand Assembly Elections से पहले राज्य की राजनीति में Gairsain capital issue, mountain region development और regional identity politics जैसे मुद्दे एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।
जहां कांग्रेस Mid-Himalayan Region की 24 सीटों पर फोकस कर अपनी चुनावी रणनीति तैयार कर रही है, वहीं भाजपा भी इन मुद्दों पर कांग्रेस के दावों को चुनौती दे रही है।
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि पहाड़ी जिलों से जुड़े ये मुद्दे उत्तराखंड की चुनावी राजनीति को किस दिशा में ले जाते हैं।