Uttarakhand के Gairsain में Alarm: Assembly के पास धधकते जंगलों ने बढ़ाई चिंता

उत्तराखंड के Gairsain (भराड़ीसैंण) में इन दिनों Assembly Budget Session जारी है। सदन के भीतर Forest Act, Forest Fire और Human-Wildlife Conflict जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है, लेकिन विडंबना यह है कि विधानसभा परिसर से कुछ ही दूरी पर जंगल भयानक तरीके से जल रहे हैं।

आग इतनी तेज है कि दूर से ही इसकी लपटें साफ दिखाई दे रही हैं और आसपास के गांवों में डर का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थिति गंभीर है, लेकिन अभी तक ground level action स्पष्ट रूप से नजर नहीं आ रहा।

भटोली गांव के आसपास देर रात से जल रहे जंगल

जानकारी के अनुसार, Gairsain के पास Adibadri क्षेत्र के भटोली गांव के आसपास के जंगलों में देर रात से massive forest fire भड़क गई।

पहाड़ियों की ढलानों पर चारों तरफ आग की लपटें उठती दिखाई दे रही हैं। रात के समय जलते जंगलों की रोशनी दूर बसे गांवों तक साफ दिखाई दे रही थी, जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि forest area और human settlements के बीच दूरी कितनी कम रह गई है।

चमौला गांव के जंगलों में भी धधक रही आग

सिर्फ भटोली ही नहीं, बल्कि सामने की पहाड़ी पर स्थित Chamola गांव के जंगलों में भी आग फैल गई है। पूरे इलाके में कई किलोमीटर तक जंगल जलने का दृश्य दिखाई दे रहा है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, जंगलों में लगी आग से forest resources को भारी नुकसान हो रहा है और स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है।

भटोली गांव के दुकानदार वीरेंद्र का कहना है:

“जंगलों में लगी आग से काफी नुकसान हो रहा है। भटोली के जंगलों के साथ-साथ सामने पहाड़ पर चमौला गांव के जंगलों में भी आग लगी हुई है। इससे वन संपदा नष्ट हो रही है और जंगली जानवर गांवों की ओर आने लगे हैं।”

Forest Fire के कारण गांवों की ओर आ रहे वन्यजीव

स्थानीय युवक सुनील गुसाईं ने बताया कि पहाड़ियों के चारों ओर आग फैली हुई है।

आग के कारण जंगलों में रहने वाले wild animals अब गांवों और घरों की ओर आने लगे हैं, जिससे लोगों में डर बढ़ गया है। उनका कहना है कि पहाड़ी इलाकों में ऐसी चुनौतियां अब लगभग हर साल देखने को मिल रही हैं।

Assembly Session के दौरान भी नहीं दिख रही ठोस कार्रवाई

ग्रामीणों का कहना है कि इस समय Gairsain Assembly में Budget Session चल रहा है और सरकार के कई बड़े अधिकारी भी इलाके में मौजूद हैं।

कई अधिकारी इसी मार्ग से गुजरते हैं और जंगलों में लगी आग स्पष्ट दिखाई देती है, लेकिन इसके बावजूद administrative response उतना प्रभावी नहीं दिख रहा।

लोगों का सवाल है कि जब सरकार और प्रशासन दोनों ही क्षेत्र में मौजूद हैं, तब भी अगर स्थिति पर तुरंत कार्रवाई नहीं होती, तो भविष्य में समाधान की उम्मीद कैसे की जा सकती है।

स्थायी समाधान की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में हर मौसम नई चुनौतियां लेकर आता है।

गर्मियों में Forest Fire की समस्या बढ़ जाती है

बरसात में landslide की घटनाएं सामने आती हैं

सर्दियों में heavy snowfall से जनजीवन प्रभावित होता है

ऐसे में स्थानीय लोग सरकार से इन समस्याओं के लिए long-term solution और disaster management planning की मांग कर रहे हैं।