Uddhav vs Pawar: Rajya Sabha सीट पर क्यों बिगड़ा Maharashtra Opposition Equation

महाराष्ट्र की राजनीति में Rajya Sabha Election 2026 के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। Nationalist Congress Party (Sharad Pawar faction) के प्रमुख Sharad Pawar के राज्यसभा पहुंचने से Maharashtra Opposition Alliance के भीतर असहजता बढ़ती नजर आ रही है।

खबरों के मुताबिक Shiv Sena (Uddhav Balasaheb Thackeray) इस फैसले से संतुष्ट नहीं है। कहा जा रहा है कि Thackeray family ने शुरुआत में ही पवार की उम्मीदवारी का समर्थन करने से इनकार कर दिया था। हालांकि इस मुद्दे पर अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

NCP गुट पर भरोसे को लेकर संदेह

पार्टी सूत्रों के मुताबिक Shiv Sena UBT के कई नेताओं को NCP (Sharad Pawar faction) पर पूरी तरह भरोसा नहीं है। उनका मानना है कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में यह स्पष्ट नहीं है कि कौन-कौन से दल वास्तव में INDIA Alliance के साथ खड़े हैं।

इसी कारण पार्टी के अंदर यह आशंका जताई जा रही है कि भविष्य में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।

Uddhav Thackeray को मनाने की कोशिश

रिपोर्ट्स के अनुसार Supriya Sule और Jayant Patil ने पिछले सप्ताह Uddhav Thackeray से मुलाकात की थी। बताया जाता है कि दोनों नेताओं ने करीब दो घंटे तक बातचीत कर पवार की उम्मीदवारी के समर्थन के लिए उन्हें मनाने की कोशिश की।

हालांकि, चर्चाओं के बावजूद Uddhav Thackeray अपने रुख पर कायम रहे। उन्होंने साफ कहा कि वे Sharad Pawar का सम्मान करते हैं, लेकिन Rajya Sabha seat इस बार Shiv Sena UBT के हिस्से में आनी चाहिए।

INDIA Alliance को लेकर भी चिंता

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक Aaditya Thackeray कई मौकों पर यह कह चुके हैं कि केंद्र में BJP government के खिलाफ लगातार आवाज उठाने वाले दलों में मुख्य रूप से Congress और Shiv Sena UBT ही सक्रिय हैं।

उनका कहना है कि ऐसे दलों को Opposition Alliance में शामिल करने से बचना चाहिए जो समानांतर रूप से सत्ता पक्ष के साथ बातचीत कर रहे हों।

कांग्रेस के समर्थन से बदले समीकरण

राजनीतिक समीकरण उस समय बदल गए जब Indian National Congress ने Sharad Pawar की उम्मीदवारी का समर्थन करने का फैसला किया।

बताया जाता है कि Supriya Sule ने दिल्ली में Congress President Mallikarjun Kharge से मुलाकात की थी। इसके बाद कांग्रेस ने पवार के समर्थन की घोषणा कर दी।

शिवसेना यूबीटी के एक नेता ने कहा कि तीनों पार्टियों के पास किसी एक उम्मीदवार को Rajya Sabha भेजने के लिए पर्याप्त संख्या थी। पार्टी को उम्मीद थी कि कांग्रेस उनका समर्थन करेगी, लेकिन कांग्रेस के फैसले ने स्थिति को जटिल बना दिया।

ठाकरे परिवार की नाराजगी

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले से Thackeray camp में नाराजगी है। हाल ही में Aaditya Thackeray ने भी संकेत दिए कि उनकी पार्टी को अपने उम्मीदवार को राज्यसभा भेजने का मौका अब काफी समय तक नहीं मिलेगा।

उन्होंने कहा कि पार्टी अपने political rights के लिए संघर्ष कर रही है और मौजूदा परिस्थितियों में उसे अगला अवसर 2028 के बाद ही मिल सकता है।

राज्यसभा के लिए अन्य नेता भी निर्वाचित

इस चुनाव में कुल सात सीटों के लिए सात उम्मीदवार मैदान में थे, इसलिए Rajya Sabha voting की जरूरत नहीं पड़ी और सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए।

इनमें शामिल हैं:

केंद्रीय मंत्री Ramdas Athawale

BJP National General Secretary Vinod Tawde

Ramrao Wadkute

Maya Waghmare

Shiv Sena (Eknath Shinde faction) की प्रवक्ता Jyoti Waghmare

NCP (Ajit Pawar faction) से Parth Pawar

Maharashtra Politics में बढ़ सकती है खटास

विशेषज्ञों का मानना है कि Sharad Pawar Rajya Sabha entry के बाद Maharashtra Opposition Politics में नई खींचतान देखने को मिल सकती है।

खासतौर पर Maha Vikas Aghadi (MVA) के भीतर विश्वास और सीट शेयरिंग को लेकर आगे भी राजनीतिक बहस जारी रहने की संभावना है।