Congress Press Conference Delhi: Attempt to divert investigation of Ankita case?
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। Uttarakhand Congress ने बुधवार, 28 January, को दिल्ली में एक अहम Press Conference कर राज्य की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार इस high-profile murder case में CBI probe को जानबूझकर भ्रमित करने की कोशिश कर रही है।
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष Ganesh Godiyal ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा सीबीआई जांच की सिफारिश किए जाने के बावजूद अब तक जांच को लेकर स्थिति साफ नहीं की गई है, जिससे संदेह और गहराता जा रहा है।
“सरकार इस मामले में निष्क्रिय हो गई है” – गणेश गोदियाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गणेश गोदियाल ने कहा कि अंकिता भंडारी के माता-पिता ने मुख्यमंत्री को लिखित रूप से यह मांग रखी थी कि उनकी बेटी के दोषियों को death penalty दी जाए और मामले में शामिल कथित VIP angle को सार्वजनिक कर उस व्यक्ति को भी सजा मिले।
उन्होंने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री स्वयं यह कह चुके थे कि सरकार अंकिता के माता-पिता की इच्छा के अनुसार ही आगे कार्रवाई करेगी। इसके बावजूद अब तक न तो CBI investigation notification सार्वजनिक हुआ है और न ही यह स्पष्ट किया गया है कि जांच को लेकर सरकार ने औपचारिक संस्तुति भेजी है या नहीं।
CBI जांच को लेकर उठे नए सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा सीबीआई जांच की संस्तुति से पहले किसी अन्य व्यक्ति की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई और उसी के आधार पर सीबीआई जांच कराने की बात कही जा रही है। इससे यह आशंका पैदा हो रही है कि सरकार पारदर्शी तरीके से जांच सौंपने के बजाय केस को दूसरी दिशा में मोड़ने की कोशिश कर रही है।
गोदियाल ने कहा कि 15 से 17 दिन बीत जाने के बावजूद अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि राज्य सरकार ने वास्तव में सीबीआई जांच की सिफारिश की है या नहीं। इस संबंध में कोई भी official notification अभी तक public domain में उपलब्ध नहीं है।
सरकार से कांग्रेस की खुली मांग
कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार द्वारा सीबीआई को भेजे गए representation को सार्वजनिक किया जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि जांच के लिए Terms of Reference (ToR) क्या तय किए गए हैं।
गोदियाल का आरोप है कि सरकार hypothetical situation के आधार पर जांच करवाने की दिशा में बढ़ रही है, जिससे असली सच्चाई सामने आने से रोकी जा सके।
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
यह मामला वर्ष 2022 का है, जब उत्तराखंड के Pauri Garhwal district स्थित Vanantara Resort में काम करने वाली 19 वर्षीय रिसेप्शनिस्ट Ankita Bhandari की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिसॉर्ट के मालिक Pulkit Arya (पूर्व भाजपा नेता के पुत्र) और दो कर्मचारी Saurabh Bhaskar एवं Ankit Gupta को गिरफ्तार किया गया था।
कोटद्वार की सत्र अदालत ने तीनों आरोपियों को life imprisonment की सजा सुनाई थी।
VIP Angle से फिर गरमाया मामला
मामले ने हाल ही में नया मोड़ तब लिया, जब भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी Urmila Sanwar ने अंकिता हत्याकांड में एक VIP involvement का आरोप लगाते हुए नया खुलासा किया।
इन आरोपों के बाद कांग्रेस और कई सामाजिक संगठनों ने दोबारा CBI investigation under Supreme Court monitoring की मांग तेज कर दी।
माता-पिता की सीबीआई जांच की मांग
7 जनवरी को अंकिता भंडारी के माता-पिता ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर एक पत्र सौंपा था, जिसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त या कार्यरत जज की निगरानी में सीबीआई जांच कराने की मांग की थी। पत्र में कहा गया था कि अंकिता की हत्या एक कथित वीआईपी के कारण हुई, जिसकी पहचान अब तक सामने नहीं आई है।