Ramdev's statement: Why did Baba Baba say on the Magh Mela controversy – 'Sanatanists are busy fighting among themselves'
Shankaracharya Avimukteshwaranand से जुड़े माघ मेला विवाद के बीच योग गुरु Baba Ramdev का बड़ा बयान सामने आया है। गोवा में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि “सनातनी आपस में ही लड़ने में व्यस्त हैं”, जबकि सनातन और भारत विरोधी ताकतें पहले से सक्रिय हैं।
बाबा रामदेव ने कहा कि संत समाज को आपसी टकराव से बचना चाहिए और सनातन धर्म की एकता बनाए रखना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।
Cow Protection पर क्या बोले बाबा रामदेव?
बाबा रामदेव ने Cow Protection in Sanatan Dharma को लेकर भी तीखी बात कही। उन्होंने कहा कि
गायों की रक्षा केवल नारों या सम्मेलनों से नहीं हो सकती, इसके लिए व्यावहारिक जिम्मेदारी निभानी होगी।
उन्होंने कहा:
सभी संतों और आश्रमों को 5,000 से 10,000 गायों की देखभाल करनी चाहिए
Patanjali Yogpeeth स्वयं लगभग एक लाख गायों का संरक्षण कर रहा है
शंकराचार्य समेत सभी संतों को अपने-अपने आश्रमों में गायों की सेवा करनी चाहिए
उनके अनुसार, गायों की रक्षा तभी संभव है जब उन्हें पालन, पोषण और संरक्षण मिले।
‘सनातन के दुश्मन बाहर भी हैं’
बाबा रामदेव ने कहा कि
सनातन धर्म और भारत के खिलाफ काम करने वाली ताकतें पहले से मौजूद हैं और वे PM Modi व Amit Shah जैसे नेताओं को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं।
उन्होंने संत समाज से अपील करते हुए कहा कि:
“ऐसे समय में हमारे संतों को भी अपने ही नेताओं के खिलाफ मन में नाराजगी नहीं रखनी चाहिए।”
🌊 माघ मेले में भी जताई थी नाराजगी
इससे पहले Prayagraj Magh Mela 2026 के दौरान संगम स्नान के समय भी बाबा रामदेव ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुई बदसलूकी को दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य बताया।
उन्होंने कहा:
किसी भी संत या साधु के साथ अपमानजनक व्यवहार नहीं होना चाहिए
साधु का अर्थ ही है अहंकार से मुक्त होना
तीर्थस्थलों पर स्नान, पालकी या सम्मान को लेकर विवाद नहीं होना चाहिए
बाबा रामदेव ने यह भी कहा कि जब हम शंकराचार्य को भगवान शंकर का स्वरूप मानते हैं, तो संतों से भी मर्यादा और संयम की अपेक्षा की जाती है।
‘विवाद नहीं, एकता चाहिए’
बाबा रामदेव ने साफ कहा कि
जब कोई देश का इस्लामीकरण, ईसाईकरण या अन्य एजेंडे की बात करता है, तो सनातन के शत्रु बाहर ही काफी हैं। ऐसे में Sanatan Unity सबसे बड़ी ताकत होनी चाहिए।