Makar Sankranti Bath: A surge of faith amidst the fog, millions of devotees throng the Sangam.
Prayagraj Magh Mela 2026 में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर संगम तट पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। गुरुवार सुबह 10 बजे तक 36 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में पुण्य की डुबकी लगाई। प्रशासन का अनुमान है कि शुभ मुहूर्त पूरे दिन रहने के कारण शाम तक स्नान करने वालों की संख्या एक करोड़ के पार पहुंच सकती है।
इस बार माघ मेले में सिर्फ वीआईपी कल्चर नहीं, बल्कि तपस्या, साधना और आम श्रद्धालुओं की आस्था चर्चा का केंद्र बनी हुई है। सोशल मीडिया पर वायरल यूट्यूबर्स, किन्नर अखाड़े की सामाजिक पहल, दिव्यांग संतों की साधना और बच्चों का कल्पवास लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। दस साल के बच्चे द्वारा किया गया Kalpvas at Sangam इस बार सबसे बड़ी प्रेरणादायक कहानी बनकर उभरा है।
सुबह से ही संगम घाटों पर उमड़ी भीड़
मेला प्रशासन के अनुसार, सुबह 8 बजे तक करीब 21 लाख श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके थे। जैसे-जैसे सूर्य ऊपर चढ़ा, वैसे-वैसे Sangam Snan on Makar Sankranti के लिए श्रद्धालुओं की संख्या तेज़ी से बढ़ती गई। बुधवार को भी 75 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई थी।
24 स्नान घाट, हाईटेक रिस्पांस प्लान लागू
Prayagraj Mela Administration ने इस बार दो से ढाई करोड़ श्रद्धालुओं के अनुमान को देखते हुए 24 Bathing Ghats पर विशेष इंतजाम किए हैं। सुरक्षा और सुविधा के लिए High-Tech Response System, आधुनिक ट्रैफिक कंट्रोल रूम और रियल-टाइम मॉनिटरिंग लागू की गई है। नदी की धारा में बदलाव के कारण कुछ घाटों में आंशिक संशोधन भी किया गया है।
घने कोहरे के बीच कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
मकर संक्रांति के दिन प्रयागराज में Dense Fog in Prayagraj देखने को मिला, इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई। कोहरे को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है ताकि कोई भी श्रद्धालु रास्ता न भटके।
पुलिस आयुक्त के अनुसार सुरक्षा में
12 कंपनी PAC
7 कंपनी Flood Relief PAC
2 टीमें NDRF
SDRF, ATS, RAF
Anti-Mine और Bomb Disposal Squads
6,000+ पुलिसकर्मी और 1,000 रिक्रूट आरक्षी
तैनात किए गए हैं। Prayagraj Magh Mela Security Arrangement को अब तक का सबसे मजबूत माना जा रहा है।
आस्था का मेला, दिखावे से दूर
इस avoiding VIP culture, इस बार माघ मेला Faith over Fame की मिसाल बन रहा है। एक टांग के सहारे खड़े संत, पांच दिन का राशन लेकर संगम नोज तक पहुंचते श्रद्धालु और समाज सुधार की बातें करते अखाड़े—यही वजह है कि युवा वर्ग अपनी Cultural Roots of Sanatan Dharma की ओर लौटता दिख रहा है।