UP Law & Order सवालों के घेरे में: दलित बेटी लापता, मां की हत्या के बाद बढ़ा सियासी तनाव

मेरठ के सरधना क्षेत्र के गांव कपसाड़ में दलित महिला की हत्या और उसकी नाबालिग बेटी के अपहरण (Dalit Woman Murder & Minor Girl Kidnapping Case) को लेकर हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

इसी बीच समाजवादी पार्टी के विधायक Atul Pradhan जब पीड़ित परिवार से मिलने गांव पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें गांव के बाहर ही रोक दिया। पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी, जिससे मौके पर विवाद खड़ा हो गया।

पुलिस और समर्थकों में धक्का-मुक्की

विधायक को रोके जाने के दौरान पुलिस और उनके समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल और PAC मौके पर बुला ली। इसके बाद पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया।

धरने पर बैठे विधायक, प्रशासन पर लगाए आरोप

पुलिस कार्रवाई से नाराज विधायक अतुल प्रधान मौके पर ही protest पर बैठ गए। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार से मिलने से रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। विधायक ने कहा कि यह रवैया सरकार की insensitivity को दर्शाता है।

उन्होंने साफ कहा कि जब तक accused की गिरफ्तारी और अपहृत नाबालिग की सुरक्षित बरामदगी नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

गांव के सभी रास्ते सील, भारी पुलिस बल तैनात

स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने गांव कपसाड़ के चारों ओर से सभी रास्ते सील कर दिए हैं। गांव में किसी भी बाहरी व्यक्ति की एंट्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

अंतिम संस्कार से इनकार, मांगों पर अड़े परिजन

पीड़ित परिवार ने अब तक महिला का अंतिम संस्कार (Last Rites) करने से इनकार कर दिया है। परिजनों की मांग है कि पहले आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और अपहृत किशोरी को सकुशल बरामद किया जाए। प्रशासन लगातार परिवार से बातचीत कर स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहा है।

पुलिस का दावा: हालात नियंत्रण में

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और नाबालिग लड़की की तलाश के लिए special police teams गठित की गई हैं। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती जारी रहेगी।