“बजट 2025-26: उत्तराखंड को बड़ी सौगात, टैक्स में राहत से लेकर पर्यटन और कृषि में बढ़ेगा निवेश”
नई दिल्ली/देहरादून: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2025-26 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी है। 12 लाख रुपये तक की आय को कर मुक्त करने की घोषणा से नौकरीपेशा और व्यापारी वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह राज्य के आर्थिक विकास को मजबूती देगा।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा—
बजट में 50 नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने की घोषणा की गई है, जिसमें उत्तराखंड को प्रमुख स्थान मिल सकता है। रामायण सर्किट, महाभारत सर्किट और मानसखंड-केदारखंड परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, होम स्टे के लिए मुद्रा लोन का प्रावधान किया गया है, जिससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे।
हवाई कनेक्टिविटी में सुधार—
केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत 120 नए एयरपोर्ट जोड़े जाएंगे, जिससे उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्रों के हवाई अड्डों को विस्तार का लाभ मिलेगा। यह कदम राज्य में पर्यटन और व्यापार को नई ऊंचाइयां देगा।
जल जीवन मिशन का विस्तार—
2028 तक जल जीवन मिशन के विस्तार की घोषणा उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य के कई गांवों को अब तक इस योजना का पूरा लाभ नहीं मिला था, लेकिन अब जल आपूर्ति को लेकर तेजी से काम होगा।
कृषि और उद्योग को मजबूती—
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत किसानों को वित्तीय मदद दी जाएगी, जिससे उत्तराखंड के कृषि क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। अरहर, उड़द और मसूर की दालों के उत्पादन को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नई योजनाएं लाई जाएंगी। इसके अलावा, एमएसएमई को मिलने वाले ऋण की सीमा 10 करोड़ रुपये कर दी गई है, जिससे राज्य में छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
शिक्षा और तकनीक में निवेश—
सरकारी स्कूलों में 50,000 अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की जाएंगी, जिससे छात्रों को आधुनिक तकनीक से परिचित कराया जाएगा। साथ ही, 500 करोड़ रुपये के बजट के साथ AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) शिक्षा केंद्रों की स्थापना की जाएगी।
उत्तराखंड को नई दिशा देगा बजट—
इस बजट से राज्य को समग्र रूप से लाभ होगा। टैक्स में राहत, पर्यटन को बढ़ावा, हवाई संपर्क सुधार, जल जीवन मिशन, कृषि विकास और शिक्षा क्षेत्र में निवेश जैसे कदम उत्तराखंड को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।