विशेषज्ञों के मुताबिक पिछले एक साल में भारत और अमेरिका के रिश्तों में कई वजहों से तनाव बढ़ा।
प्रमुख कारण:
US President Donald Trump द्वारा Operation Sindoor का श्रेय लेना
पाकिस्तानी सेना प्रमुख Asim Munir को सम्मान देना
भारत पर 50% Tariff लगाने का फैसला
Indo-Pacific Strategy को लेकर अनिश्चितता
इन घटनाओं से दोनों देशों के बीच diplomatic discomfort बढ़ा।
QUAD Meeting भी रहेगी खास
इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है:
Quadrilateral Security Dialogue यानी QUAD विदेश मंत्रियों की बैठक।
पिछले कुछ समय से QUAD को लेकर अटकलें लग रही थीं क्योंकि:
2025 QUAD Summit भारत में प्रस्तावित थी
लेकिन बैठक में देरी हुई
इससे US commitment पर सवाल उठने लगे थे
अब Rubio की यात्रा और QUAD talks को Indo-Pacific Strategy में नई सक्रियता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
चीन को जाएगा बड़ा संदेश?
कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि QUAD की सक्रियता:
China की Indo-Pacific Aggression
South China Sea Tensions
Regional Security Concerns
को लेकर अमेरिका और उसके सहयोगियों की रणनीति का हिस्सा है।
भारत भी इस मंच को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानता है।
आतंकवाद और Defense Deals पर भी होगी चर्चा
सूत्रों के मुताबिक भारत इस बैठक में कई संवेदनशील मुद्दे उठाएगा:
Cross-Border Terrorism
Defense Technology Transfer
GE Engine Supply
Strategic Cooperation
Favorable Trade Agreement
भारत चाहता है कि अमेरिका Defense Deliveries में तेजी लाए।
Oil Supply पर भी बन सकती है बात
भारत रवाना होने से पहले Marco Rubio ने कहा था कि अमेरिका भारत की energy needs पूरी करने को तैयार है।
उन्होंने संकेत दिया कि:
अमेरिका भारत को बड़े पैमाने पर crude oil उपलब्ध करा सकता है
Venezuelan oil supply भी US channels के जरिए संभव हो सकती है
हालांकि भारतीय सूत्रों का कहना है कि तेल खरीद का फैसला कीमतों पर निर्भर करेगा।
अगर रूस की तरह discounted crude मिलता है, तभी भारत के लिए यह deal फायदेमंद होगी।