मौलाना की धमकी पर राहुल गांधी की चुप्पी क्यों? CM धामी ने नेता प्रतिपक्ष से पूछा बड़ा सवाल

उत्तराखंड में कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने रुद्रपुर में एक मौलाना की कथित धमकी और हल्द्वानी के शुद्धिकरण विवाद को लेकर राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाए।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर Appeasement Politics यानी तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कई पुराने मुद्दों का भी जिक्र किया।

‘मौलाना की धमकी पर राहुल गांधी चुप क्यों?’

सीएम धामी ने कहा कि जब रुद्रपुर में एक मौलाना की ओर से कथित तौर पर धमकी दी गई, तब राहुल गांधी ने इस पर कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में कथित तौर पर जेहादी नारे लगाए जाने को लेकर भी कांग्रेस को जवाब देना चाहिए।

धामी ने सवाल किया कि कांग्रेस के कार्यक्रम के दौरान रामलीला मैदान में ऐसे नारे क्यों लगाए गए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इन मामलों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

मुस्लिम यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि उस समय कांग्रेस की ओर से Muslim University बनाने की बात क्यों कही गई थी।

धामी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को पारदर्शी तरीके से रोजगार मिलने और राज्य में हो रहे विकास कार्यों से परेशानी है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बिना भेदभाव के काम कर रही है, जबकि कांग्रेस तुष्टीकरण की राजनीति को बढ़ावा दे रही है।

हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ मामले पर भी दिया जवाब

हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी।

धामी ने कहा कि इस कथित शुद्धिकरण से भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कांग्रेस से इस मामले में अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने को कहा।

यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब कांग्रेस ने आरोप लगाया कि खड़गे की जनसभा के बाद कार्यक्रम स्थल का ‘शुद्धिकरण’ कराया गया। कांग्रेस ने इसे दलित विरोधी मानसिकता से जोड़ते हुए भाजपा पर हमला बोला है।

सीताराम केसरी का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सीताराम केसरी का उदाहरण देते हुए पार्टी के इतिहास पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या केसरी को केवल इसलिए कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाया गया था क्योंकि वह दलित और गरीब थे।

धामी ने कहा कि कांग्रेस को अपने अतीत और वरिष्ठ नेताओं के साथ किए गए व्यवहार पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का इतिहास अपने ही वरिष्ठ नेताओं का अपमान करने का रहा है।

सेना के शौर्य पर सवाल उठाने का भी लगाया आरोप

मुख्यमंत्री ने भारतीय सेना से जुड़े मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कई बार Indian Army के शौर्य और पराक्रम पर सवाल उठाती रही है।

धामी ने कहा कि देश की सेना के पराक्रम पर सवाल उठाने वालों को जनता स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव में उत्तराखंड के युवा भाजपा के पक्ष में नई राजनीतिक कहानी लिखेंगे।

राहुल गांधी के खिलाफ FIR पर कांग्रेस का पलटवार

वहीं, राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड में दर्ज FIR को लेकर कांग्रेस ने भाजपा और राज्य सरकार पर पलटवार किया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि Purification Row में कार्रवाई से बचने और लोगों का ध्यान मूल मुद्दे से हटाने के लिए राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है।

कांग्रेस महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी कुमारी शैलजा ने कहा कि पार्टी इस कार्रवाई से डरने वाली नहीं है और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR का लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से जवाब दिया जाएगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और RSS की सोच दलित तथा संविधान विरोधी है। शैलजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया और कहा कि कांग्रेस जातिवादी मानसिकता के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

कांग्रेस ने शुद्धिकरण मामले में कार्रवाई की मांग दोहराई

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद हुए कथित शुद्धिकरण को लेकर कार्रवाई की मांग दोहराई है। कांग्रेस का कहना है कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

इस तरह उत्तराखंड में Rahul Gandhi FIR, Purification Row और Maulana Controversy को लेकर भाजपा-कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य की सियासत में और जोर पकड़ सकता है।