खेल महाकुंभ में दिखेगा उत्तराखंड का दम, न्याय पंचायत से State Level तक होगी प्रतिभा की तलाश

Khel Mahakumbh 2026: उत्तराखंड के युवा खिलाड़ियों के लिए अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच तैयार हो रहा है। युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 में “खेल महाकुंभ-2026 मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी” आयोजित की जाएगी। इस आयोजन की खास बात यह है कि प्रतियोगिताओं का सफर गांव और न्याय पंचायत स्तर से शुरू होकर विधानसभा, संसदीय क्षेत्र और राज्य स्तर तक पहुंचेगा।

इससे प्रदेश के ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में छिपी Sports Talent को सामने आने का मौका मिलेगा। खिलाड़ियों को स्थानीय स्तर पर प्रदर्शन करने के बाद आगे के बड़े मंच तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।

1 सितंबर से शुरू होगा खेल महाकुंभ

Khel Mahakumbh 2026 की शुरुआत 1 सितंबर से न्याय पंचायत स्तर की स्थानीय जनप्रतिनिधि खेलकूद प्रतियोगिताओं के साथ होगी। यह चरण 10 सितंबर तक चलेगा। इसके बाद 11 से 20 सितंबर तक विधानसभा स्तर पर विधायक चैम्पियनशिप ट्रॉफी आयोजित की जाएगी।

21 से 30 सितंबर के बीच संसदीय क्षेत्र स्तर पर सांसद चैम्पियनशिप ट्रॉफी होगी। वहीं राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी की प्रतियोगिताएं 10 सितंबर से 30 अक्टूबर तक आयोजित की जाएंगी।

गांव के मैदान से होगी प्रतिभा की पहचान

खेल महाकुंभ की सबसे बड़ी खासियत इसका Grassroots Sports Development पर जोर देना है। न्याय पंचायत स्तर पर अंडर-14 और अंडर-19 बालक-बालिका वर्ग में कबड्डी, एथलेटिक्स, खो-खो और मुर्गा झपट जैसी प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी।

इस व्यवस्था से गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले उन खिलाड़ियों को भी आगे आने का मौका मिलेगा, जिन्हें आमतौर पर बड़े खेल आयोजनों तक पहुंचने के लिए पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते।

विधानसभा और संसदीय स्तर पर भी होंगे मुकाबले

विधानसभा स्तर पर वॉलीबाल और पिट्टू सहित चयन आधारित प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसके बाद संसदीय क्षेत्र स्तर पर मलखंब, रस्साकसी, गोली यानी कंचा, फुटबॉल और बैडमिंटन जैसे खेलों में खिलाड़ी अपना दमखम दिखाएंगे।

इस तरह खिलाड़ियों को अलग-अलग स्तरों पर प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलेगा और बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए आगे बढ़ने का रास्ता तैयार होगा।

20 से ज्यादा खेलों में मिलेगा मौका

राज्य स्तर पर खेल महाकुंभ का दायरा काफी व्यापक रखा गया है। इसमें Judo, Boxing, Table Tennis, Taekwondo, Karate, Basketball, Hockey, Handball, Yogasana, Swimming, Archery, Fencing, Wrestling, Pencak Silat, Powerlifting, Weightlifting, Baseball और Lawn Tennis समेत कई खेल शामिल होंगे।

इसके अलावा महिला ओपन वर्ग और दिव्यांगजन महिला-पुरुष ओपन वर्ग के लिए भी विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इससे खिलाड़ियों के अलग-अलग वर्गों को अपनी क्षमता दिखाने के लिए Inclusive Sports Platform मिलेगा।

ग्रामीण खिलाड़ियों के लिए क्यों खास है Khel Mahakumbh?

खेल महाकुंभ की सबसे अहम बात यह है कि यहां प्रतिभा की खोज बड़े शहरों से नहीं, बल्कि Village Level और Nyaya Panchayat Level से शुरू होगी। स्थानीय प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी अगले स्तर की प्रतियोगिताओं में पहुंच सकेंगे।

ऐसे में यह आयोजन उत्तराखंड के छोटे गांवों और कस्बों में मौजूद खेल प्रतिभाओं के लिए Talent Identification Platform की भूमिका निभा सकता है। खिलाड़ियों को आगे राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं तक पहुंचने का रास्ता भी मिल सकता है।

CM Dhami ने बताया आयोजन का उद्देश्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुसार, खेल महाकुंभ का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना, ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के खिलाड़ियों को बेहतर मंच देना तथा उन्हें राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के अवसर उपलब्ध कराना है।

कुल मिलाकर Khel Mahakumbh 2026 सिर्फ एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि उत्तराखंड के युवाओं के लिए अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे बड़े मंच तक ले जाने का अवसर है। अब देखने वाली बात होगी कि इस आयोजन से प्रदेश के गांवों और कस्बों से कितने नए Sports Champions सामने आते हैं।