Uttarakhand's final voter list released; find out how many voters were added and how many names were removed.
उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, फाइनल वोटर लिस्ट में कुल 71,58,949 मतदाता दर्ज हैं। यह संख्या 8 जून को SIR शुरू होने के समय मौजूद 79,60,762 मतदाताओं की तुलना में करीब 8.01 लाख कम है।
अंतिम सूची में कितने पुरुष और महिला मतदाता?
नई मतदाता सूची में 37,37,701 पुरुष, 34,21,036 महिलाएं और 212 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा 18 से 19 वर्ष की उम्र के 72,656 मतदाता और 80 वर्ष से अधिक उम्र के 1,22,892 मतदाता भी सूची में दर्ज हैं।
दावे और आपत्तियों के बाद जुड़े नए नाम
SIR के तहत 14 जुलाई को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की गई थी। इसके बाद मतदाताओं को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया। इस प्रक्रिया में 1,29,872 पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े गए, जबकि 1,04,708 नाम हटाए गए। इसके बाद 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई।
SIR शुरू होने के समय 79.60 लाख से अधिक मतदाता थे। वहीं 14 जुलाई को प्रकाशित ड्राफ्ट सूची में यह संख्या घटकर करीब 71.34 लाख रह गई थी। दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या बढ़कर 71,58,949 हो गई।
कांग्रेस ने 14 लाख मतदाताओं की कमी का दावा किया
मतदाता संख्या में कमी को लेकर कांग्रेस ने अलग आंकड़ा पेश किया है। पार्टी नेता मनोज रावत ने दावा किया कि SIR से पहले राज्य में करीब 85.19 लाख मतदाता थे, जो अंतिम सूची में घटकर 71.58 लाख रह गए हैं। इस आधार पर कांग्रेस ने करीब 14 लाख की कमी का दावा किया है। यह पार्टी का दावा है, जबकि निर्वाचन कार्यालय के अनुसार 8 जून को SIR शुरू होने के समय मतदाताओं की संख्या 79,60,762 थी।
जिनका नाम छूट गया, उन्हें दोबारा जुड़ने का मौका
अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद भी यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल नहीं हो पाया है तो उसके लिए नाम जुड़वाने की प्रक्रिया खुली रहेगी। ऐसे लोग Form 6 के माध्यम से मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन ऑनलाइन माध्यम से या संबंधित Booth Level Officer (BLO) के जरिए ऑफलाइन किया जा सकता है।
BLO घर-घर जाकर करेंगे सत्यापन
निर्वाचन आयोग ने ऐसे मतदाताओं की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं, जिनके नाम SIR से पहले की सूची में थे लेकिन नई सूची में दिखाई नहीं दे रहे हैं। BLO पुरानी और मौजूदा मतदाता सूची का मिलान करेंगे और जरूरत पड़ने पर संबंधित मतदाताओं के घर जाकर उनकी स्थिति की जानकारी लेंगे।
पात्र पाए जाने वाले लोगों को दोबारा मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन प्रक्रिया में मदद की जाएगी। पहली बार मतदान करने की उम्र में पहुंचे युवाओं और अन्य पात्र लेकिन छूटे हुए मतदाताओं को भी इस अभियान के जरिए सूची में शामिल करने पर जोर रहेगा।