UKD Crisis: Party president's major decision—Vice President removed, senior leader expelled for six years.
उत्तराखंड की क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी Uttarakhand Kranti Dal (UKD) में संगठनात्मक स्तर पर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पार्टी नेतृत्व ने अनुशासनहीनता के मामलों को गंभीरता से लेते हुए दो वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। इस फैसले के बाद राज्य की राजनीतिक गलियारों में UKD News और Uttarakhand Politics को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
आशुतोष नेगी को केंद्रीय उपाध्यक्ष पद से हटाया गया
पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष ने जारी आदेश में आशुतोष नेगी को तत्काल प्रभाव से केंद्रीय उपाध्यक्ष के पद से मुक्त कर दिया है। संगठन का कहना है कि यह फैसला पार्टी हितों और संगठनात्मक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है। हालांकि, आदेश में विस्तृत कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है।
कैप्टन राकेश ध्यानी 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित
वहीं, कैप्टन राकेश ध्यानी के खिलाफ भी बड़ा अनुशासनात्मक कदम उठाते हुए उन्हें छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। पार्टी का आरोप है कि वह लगातार संगठन के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी कर रहे थे और Social Media के माध्यम से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले आरोप लगा रहे थे। इन्हीं गतिविधियों को अनुशासनहीनता मानते हुए नेतृत्व ने उनके खिलाफ कार्रवाई की।
संगठन को मजबूत करने पर फोकस
पार्टी नेतृत्व का कहना है कि संगठन में अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी पार्टी विरोधी गतिविधियों या संगठन की गरिमा को नुकसान पहुंचाने वाले मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस फैसले का असर आने वाले समय में UKD Organization, Uttarakhand Regional Politics और पार्टी की आंतरिक रणनीति पर देखने को मिल सकता है।