The patient who returned from Dubai was found to be Monkeypox positive, India's medical team took a big step in time
Deoria (UP), May 2025 – भारत के स्वास्थ्य विभाग ने एक Dubai-returned Indian patient में Monkeypox virus की पुष्टि के बाद तेजी से एक्शन लेकर यह साबित किया है कि देश का epidemic response system पूरी तरह मुस्तैद है। पुणे स्थित National Institute of Virology (NIV) ने दुबई से आए 6 नमूनों में से 5 में Monkeypox वायरस की पुष्टि की है।
कैसे मिला संक्रमण?
देवरिया के बनकटा गांव निवासी 35 वर्षीय युवक रोज़गार के सिलसिले में 2024 में Dubai गया था। बीते हफ्ते Abu Dhabi में उसे तेज़ बुखार और पूरे शरीर पर चकत्ते (rashes) दिखने लगे। स्थानीय डॉक्टरों को Monkeypox symptoms का शक हुआ, जिसके बाद उसे Latifa Hospital के Genetics Department में जांच के लिए भेजा गया। वहां infection confirmation के बाद डॉक्टरों ने मरीज की हालत को देखते हुए उसे भारत लौटने की सलाह दी।
भारत वापसी और मेडिकल इमरजेंसी
अबूधाबी प्रशासन ने तत्काल मरीज को फ्लाइट से भारत भेजा और Indian government को इसकी सूचना दी। हालांकि, 26 अप्रैल को जब वह Pachrukhiya village (Deoria) पहुंचा, तब तक स्थानीय health authorities को इसकी जानकारी नहीं थी।
जब 30 अप्रैल को शासन को मामले की जानकारी मिली, तो स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ। मरीज को लाने के लिए ambulance भेजी गई और isolation ward तैयार करने के निर्देश दिए गए।
BRD Medical College में एडमिट, हाईग्रेड संक्रमण की पुष्टि
मरीज की हालत गंभीर थी, इसलिए उसे उसी दिन BRD Medical College, Gorakhpur रेफर किया गया। वहां 100-बेड वाले Encephalitis Ward में isolation room में रखा गया और Dr. Rajkishor Singh (Medicine Professor) के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने उसकी निगरानी शुरू की।
2 मई को मरीज के blood, urine, saliva (throat swab), sweat और blister samples को NIV Pune भेजा गया। रिपोर्ट में यह सामने आया कि 5 में से 5 samples (excluding blood) Monkeypox positive पाए गए। यानी मरीज में High-grade Monkeypox infection मौजूद है।
भारत की तेज़ कार्रवाई से टली बड़ी महामारी
इस मामले में भारत की public health system की तत्परता ने एक संभावित खतरे को समय रहते संभाल लिया। Rapid isolation, medical supervision और NIV के सटीक परीक्षण से यह साबित होता है कि भारत अब infectious disease control के मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार है।
आगे क्या?
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मरीज की स्थिति अब स्थिर है लेकिन निगरानी जारी है। उसके संपर्क में आए लोगों की contact tracing और screening भी की जा रही है ताकि किसी प्रकार की community transmission न हो।
भारत में Monkeypox को लेकर स्थिति अभी नियंत्रण में है। लेकिन यह घटना एक बार फिर इस बात का संकेत देती है कि international travel के साथ आने वाले viral infection risks को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। भारत की alert health infrastructure और विशेषज्ञों की त्वरित कार्रवाई ने साबित कर दिया कि देश किसी भी मेडिकल इमरजेंसी से निपटने में सक्षम है।