The long wait is over! The Dhangarhi Bridge in Nainital has opened, bringing great relief to the people.
उत्तराखंड के Nainital जिले में वर्षों से लोगों की परेशानी का कारण बने Dhangarhi Nala पर आखिरकार पुल बनकर तैयार हो गया। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने रविवार को National Highway-309 (NH-309) पर बने बहुप्रतीक्षित Dhangarhi Bridge का लोकार्पण किया। पुल के शुरू होने से अब मानसून के दौरान Kumaon और Garhwal के बीच आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम होने की उम्मीद है।
उद्घाटन समारोह में कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
धनगढ़ी पुल के उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री Ajay Tamta, सल्ट विधायक Mahesh Jeena समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से Dhikuli स्थित तरंगी रिजॉर्ट पहुंचे और वहां से सड़क मार्ग के जरिए पुल स्थल पहुंचकर परियोजना का लोकार्पण किया।
हर मानसून में बंद हो जाता था NH-309
अब तक हर वर्ष भारी बारिश के दौरान Dhangarhi Nala उफान पर आ जाता था, जिससे NH-309 कई घंटों तक बंद रहता था। इसके कारण Kumaon और Garhwal को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग पूरी तरह बाधित हो जाता था।
सड़क बंद होने से हजारों स्थानीय लोग, पर्यटक, श्रद्धालु और छोटे-बड़े वाहन लंबे समय तक दोनों ओर फंसे रहते थे। इसका असर पर्यटन और स्थानीय व्यापार पर भी पड़ता था।
मरीजों और Emergency Services को होती थी सबसे ज्यादा दिक्कत
बारिश के मौसम में सबसे अधिक परेशानी Ambulance Services, गंभीर मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को झेलनी पड़ती थी। कई बार मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते थे।
इसके अलावा तेज बहाव में वाहन फंसने और बह जाने जैसी घटनाएं भी सामने आती रही हैं। वर्षों में इस नाले में कई हादसे हुए, जिनमें लोगों की जान भी गई। इसी वजह से धनगढ़ी क्षेत्र को मानसून के दौरान सबसे संवेदनशील स्थानों में गिना जाता था।
हजारों लोगों और पर्यटकों को मिलेगा सीधा लाभ
Dhangarhi Bridge बनने से अब बरसात के दौरान भी इस मार्ग पर Road Connectivity बनी रहने की उम्मीद है। इससे Ramnagar, Ranikhet, Almora, Salt और Garhwal Region की ओर आने-जाने वाले हजारों स्थानीय लोगों, पर्यटकों और व्यापारिक वाहनों को सीधा लाभ मिलेगा।
यह पुल न केवल यात्रा को सुरक्षित बनाएगा, बल्कि उत्तराखंड में Infrastructure Development और आपदा के दौरान बेहतर परिवहन व्यवस्था को भी मजबूत करेगा।