बदरीनाथ धाम में नया विवाद, दान गिनती पर सवाल; कर्मचारियों को नोटिस जारी

अयोध्या राम मंदिर में दान गड़बड़ी के मामले के बाद अब Badrinath Dham भी विवादों में आ गया है। विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल में Donation Theft (चढ़ावा चोरी) के आरोप सामने आने के बाद Badri-Kedar Temple Committee (BKTC) ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपों के बाद समिति ने संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है।

चढ़ावा चोरी के आरोपों से मचा हड़कंप

धार्मिक संगठन भैरव सेना ने आरोप लगाया है कि बदरीनाथ धाम में चढ़ावे के प्रबंधन में अनियमितताएं हुई हैं। संगठन ने बीकेटीसी अध्यक्ष के निजी सचिव बताए जा रहे एक कर्मचारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।

हालांकि, बीकेटीसी का कहना है कि आरोपों की जांच की जा रही है और फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

कर्मचारियों को नोटिस, तीन दिन में मांगा जवाब

बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी (CEO) सोहन सिंह रांगड़ ने आरोपों के बाद संबंधित कर्मचारियों और ड्यूटी पर तैनात स्टाफ को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।

समिति का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

BKTC अध्यक्ष ने क्या कहा?

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि चढ़ावा चोरी के आरोप बेहद गंभीर हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच के लिए जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस कर्मचारी को उनका निजी सचिव बताया जा रहा है, वह बीकेटीसी का नियमित कर्मचारी है और पूर्व में भी कई अध्यक्षों के साथ कार्य कर चुका है। यदि जांच में कोई भी कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

CCTV फुटेज की भी हो रही जांच

सूत्रों के अनुसार, आरोप सामने आने के बाद मंदिर परिसर की CCTV Footage की जांच की जा रही है। हालांकि, फुटेज को ज़ूम करने पर तस्वीर स्पष्ट नहीं दिख रही है, जिससे संबंधित व्यक्ति की पहचान करना मुश्किल हो रहा है।

राम मंदिर विवाद के बाद लगाए गए हाई-रेजोल्यूशन कैमरे

बीकेटीसी अध्यक्ष ने बताया कि अयोध्या राम मंदिर में दान गड़बड़ी के मामले के बाद बदरीनाथ धाम में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाई गई थी। मंदिर परिसर में High Resolution CCTV Cameras लगाए गए हैं, ताकि पूरे परिसर की रिकॉर्डिंग स्पष्ट रूप से हो सके और किसी भी तरह की अनियमितता पर नजर रखी जा सके।

BKTC पहले भी कई विवादों में रहा

हाल के वर्षों में BKTC कई विवादों को लेकर चर्चा में रहा है। इनमें प्रमुख रूप से—

गर्भगृह की दीवारों पर लगी Gold Plates का रंग उतरने का मामला।
मंदिर परिसर में QR Code Donation System को लेकर विवाद।
वीआईपी मेहमाननवाजी पर बजट खर्च करने के आरोप।
एक पदाधिकारी द्वारा अपनी पत्नी की नियुक्ति को लेकर सवाल।
वीआईपी श्रद्धालुओं के लिए अलग दर्शन व्यवस्था को लेकर विवाद।

इन घटनाओं के बाद समिति की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।

अंदरूनी सूचना से सामने आया मामला

सूत्रों का दावा है कि मंदिर समिति के भीतर से ही दान गिनती में कथित गड़बड़ी की जानकारी धार्मिक संगठन तक पहुंची। इसके बाद संगठन ने बीकेटीसी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जांच की मांग की।

हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

संयम बरतने की अपील

बीकेटीसी के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने कहा कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी भी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी पर विश्वास नहीं करना चाहिए।

उन्होंने लोगों से अपील की कि जांच पूरी होने तक धैर्य और संयम बनाए रखें, ताकि बदरीनाथ धाम की गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था प्रभावित न हो।