Sonbhadra mine accident: Heavy rocks hamper rescue operation
सोनभद्र जिले के ओबरा क्षेत्र में Billi Markundi mining site पर शनिवार को हुई खदान धंसने की घटना में मजदूर दब गए हैं। अब तक की जानकारी के अनुसार, लगभग 15 workers trapped हैं और राहत एवं बचाव कार्य में two massive boulders बड़ी बाधा बन गए हैं।
राहत अभियान और Technical Teams का योगदान
दबे हुए मजदूरों को निकालने के लिए Ultratech और Dusan की expert mining teams को मौके पर बुलाया गया। खदान में लगभग 30 फीट लंबी-चौड़ी चट्टान के ऊपर एक और बड़ी चट्टान गिर जाने से रेस्क्यू ऑपरेशन में कठिनाई आई। तकनीकी कारणों से एक समय राहत अभियान रुका, लेकिन शाम तक expert teams के पहुंचने के बाद बचाव कार्य फिर से शुरू किया गया।
रातभर ADG Zone की निगरानी में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। भोर में पहला शव निकाला गया, जिसकी पहचान 28 वर्षीय Raju Singh के रूप में की गई।
Challenges in Rescue: Dangerous Pathways and Heavy Rocks
खनदान के खतरनाक रास्ते और सिर्फ एक ही narrow entry point होने से rescue operation में समय अधिक लग रहा है। गहरी खदान (approx. 150 feet) में मशीनें उतारने और कर्मचारी नीचे भेजने में दिक्कत हो रही है। खाना और पानी भी पैदल ले जाने पड़ रहे हैं।
Heavy Rock Removal Plan:
DGMS (Directorate General of Mines Safety) और Ultratech Mining Experts खदान पर मौजूद हैं। टीम drilling या controlled blasting के माध्यम से चट्टानों को हटाने का निर्णय लेगी। इतनी भारी चट्टानों के कारण केवल कुछ मलबा ही हटाया जा सका है।
Authorities & NDRF, SDRF Involved
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें, फायर ब्रिगेड और खदान प्रबंधन कर्मचारी भी बचाव कार्य में लगे हुए हैं। DIG NDRF MK Sharma ने现场 जाकर राहत कार्य की समीक्षा की और टीम को दिशा-निर्देश दिए।
Political Tensions and Family Protests
सपा और कांग्रेस के नेताओं को हादसा स्थल पर जाने से रोका गया। सांसद Chhotelal Kharwar ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। मृतक मजदूरों के परिजनों ने मुआवजा न मिलने तक शव का दाह संस्कार करने से इनकार किया।
Current Status
One body recovered (Raju Singh, 28 years)
15 miners still trapped
Heavy boulders obstructing rescue
Technical mining teams and DGMS evaluating removal strategy