Shameful act inside school! Principal accused of molesting minor girl students
Rishikesh के एक सरकारी स्कूल में प्रधानाध्यापक पर दो नाबालिग छात्राओं से छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगा है। मामले में पुलिस ने आरोपी प्रधानाध्यापक के खिलाफ Protection of Children from Sexual Offences Act (POCSO Act) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, घटना मंगलवार की बताई जा रही है। आरोप है कि स्कूल में पढ़ने वाली 13 और 14 वर्षीय दो छात्राओं को प्रधानाध्यापक ने अपने कार्यालय में बुलाया। वहां उनके साथ कथित तौर पर अनुचित व्यवहार और छेड़छाड़ की गई।
पीड़ित छात्रा के पिता ने बताया कि उनकी बेटी घर लौटने के बाद काफी डरी-सहमी हुई थी। परिवार के पूछने पर छात्रा ने रोते हुए पूरी घटना बताई।
इसके बाद परिजन तुरंत स्कूल पहुंचे, लेकिन आरोपी प्रधानाध्यापक वहां मौजूद नहीं मिला। बाद में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस ने क्या कहा?
स्थानीय पुलिस के मुताबिक शिकायत मिलने के बाद आरोपी प्रधानाध्यापक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस अब:
छात्राओं के बयान दर्ज कर रही है
स्कूल स्टाफ से पूछताछ कर रही है
घटना के समय मौजूद लोगों की जानकारी जुटा रही है
यह भी जांच रही है कि पहले कभी ऐसी शिकायत आई थी या नहीं
मामले की जांच जारी है।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि स्कूल बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित जगह माने जाते हैं, लेकिन यदि वहीं ऐसी घटनाएं सामने आएं तो यह बेहद गंभीर मामला है।
लोगों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
POCSO Act क्या है?
Protection of Children from Sexual Offences Act यानी POCSO Act बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देने के लिए बनाया गया विशेष कानून है।
इस कानून के तहत:
18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों पर सख्त सजा का प्रावधान है
मामलों की सुनवाई विशेष अदालतों में होती है
पीड़ित की पहचान गोपनीय रखी जाती है