PM मोदी के जन्मदिन पर UPI शुल्क को लेकर सियासत तेज, व्यापारी भी नाराज
यूपीआई पर नए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के नए नियमों के मुताबिक, 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) UPI लेनदेन पर 0.4 फीसदी MDR लागू होगा। 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेनदेन पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये तक सीमित रहेगा। वहीं, 2,000 रुपये तक के लेनदेन पर MDR नहीं लगेगा और सामान्य ग्राहक के UPI भुगतान पर सीधे कोई शुल्क नहीं लगाया जाएगा।
इस फैसले के बाद उत्तराखंड में भी व्यापारिक संगठनों ने नाराजगी जताई है। देहरादून के व्यापारियों का कहना है कि अतिरिक्त लागत का असर कारोबार पर पड़ सकता है। वहीं कांग्रेस ने भी इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
UPI शुल्क पर कांग्रेस का केंद्र पर हमला
उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने UPI पर MDR को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने इसे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने वाला फैसला बताया और सवाल उठाया कि UPI लेनदेन पर शुल्क का प्रावधान बजट में स्पष्ट रूप से क्यों नहीं बताया गया।
गोदियाल ने MDR को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के बजाय इस तरह का शुल्क लगाने से लोगों और कारोबारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।
कांग्रेस की ओर से इस फैसले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से जोड़कर भी राजनीतिक तंज किया गया है। हालांकि, नए नियमों के अनुसार MDR सीधे ग्राहकों से वसूला जाने वाला UPI शुल्क नहीं है, बल्कि निर्धारित P2M लेनदेन पर व्यापारी पक्ष से लिया जाने वाला शुल्क है।
व्यापारियों ने जताई नाराजगी
देहरादून उद्योग व्यापार मंडल समेत कई व्यापारी संगठनों ने MDR लागू किए जाने का विरोध किया है। व्यापारियों का तर्क है कि कारोबार में पहले से ही टैक्स और अन्य खर्च शामिल हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त लागत आने से छोटे और मध्यम कारोबारियों पर दबाव बढ़ सकता है।
व्यापारी नेताओं का कहना है कि त्योहारों से ठीक पहले इस तरह का बदलाव बाजार के लिए चुनौती पैदा कर सकता है। उनका कहना है कि यदि शुल्क से व्यापार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है तो वे इसके खिलाफ आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विचार करेंगे।
देहरादून कपड़ा कमेटी के प्रधान प्रवीण कुमार जैन ने भी फैसले पर आपत्ति जताते हुए कहा कि त्योहारों का सीजन व्यापार के लिए महत्वपूर्ण होता है। ऐसे समय में अतिरिक्त लागत से व्यापारियों और ग्राहकों दोनों पर असर पड़ने की आशंका है।
3 हजार के भुगतान पर 12 रुपये MDR, 50 हजार पर 200 रुपये
नए ढांचे के तहत 2,000 रुपये से अधिक के सामान्य P2M UPI लेनदेन पर 0.4 फीसदी MDR निर्धारित किया गया है। उदाहरण के तौर पर 3,000 रुपये के भुगतान पर 12 रुपये और 50,000 रुपये के भुगतान पर 200 रुपये MDR बनता है। वहीं 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेनदेन पर अधिकतम MDR 300 रुपये रहेगा।
| लेनदेन राशि | MDR |
|---|---|
| 2,000 रुपये तक | 0 रुपये |
| 3,000 रुपये | 12 रुपये |
| 50,000 रुपये | 200 रुपये |
| 75,000 रुपये या अधिक | अधिकतम 300 रुपये |