रुद्रपुर में SIR को लेकर सियासी घमासान, विधायक और पूर्व विधायक में भिड़ंत; CM धामी बोले- राजनीति नहीं, प्रक्रिया में करें सहयोग

Uttarakhand SIR Update: रुद्रपुर में Special Intensive Revision (SIR) को लेकर सोमवार को हुए हंगामे के बाद मामला राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। बैठक के दौरान रुद्रपुर विधायक शिव अरोड़ा और पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता राजकुमार ठुकराल के बीच तीखी बहस हो गई। विवाद बढ़ने के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में तनाव की स्थिति बन गई और भाजपा नेताओं ने धरना शुरू कर दिया। अब इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रतिक्रिया सामने आई है।

SIR को लेकर क्या बोले CM धामी?

रुद्रपुर में हुए विवाद पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि SIR एक महत्वपूर्ण चुनावी प्रक्रिया है, जिसका मकसद मतदाता सूची को सही और अपडेट करना है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि इस मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय SIR Process को समझें और इसे पूरा कराने में सहयोग करें।

सीएम धामी ने कहा कि लोकतंत्र में Accurate Voter List बेहद जरूरी है। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सभी पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में मौजूद रहें और अपात्र नामों को हटाया जाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

SIR बैठक में आमने-सामने आए नेता

दरअसल, रुद्रपुर में कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत की अध्यक्षता में Special Intensive Revision Meeting आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान मतदाता सूची में कथित Double Voting और अन्य आपत्तियों को लेकर भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच बहस शुरू हो गई।

विवाद उस समय और बढ़ गया जब विधायक शिव अरोड़ा और पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। दोनों नेताओं के बीच बहस के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में माहौल तनावपूर्ण हो गया।

आपत्ति दर्ज कराने वालों को धमकाने का आरोप

भाजपा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि SIR के दौरान मतदाता सूची को लेकर आपत्ति दर्ज कराने वाले कुछ लोगों को फोन करके और उनके घर जाकर धमकाया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठे BJP नेता

विवाद बढ़ने के बाद भाजपा जिला अध्यक्ष कमल जिंदल, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, रुद्रपुर विधायक शिव अरोड़ा समेत कई भाजपा नेता कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गए। देखते ही देखते बड़ी संख्या में भाजपा और कांग्रेस समर्थक भी मौके पर पहुंच गए।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए Police Force Deployment बढ़ाया गया। प्रशासन की ओर से पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है।

मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर आमने-सामने सियासी दल

भाजपा नेताओं का कहना है कि उनकी प्राथमिकता Clean and Accurate Electoral Roll सुनिश्चित करना है। वहीं SIR की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। ऐसे में रुद्रपुर का यह विवाद अब स्थानीय राजनीति से निकलकर प्रदेश स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

मुख्यमंत्री धामी के बयान के बाद अब देखना होगा कि SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दल आगे किस तरह की रणनीति अपनाते हैं और प्रशासन इस विवाद को कैसे शांत करता है।