हमारी सेना उसकी जमीन के हर कोने तक पहुंच सकती है”: मनोज सिन्हा का पाकिस्तान पर कड़ा बयान

पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वह अपने “बैकयार्ड” में आतंकियों को पालना जारी रखता है, तो पाकिस्तान का अस्तित्व खत्म हो सकता है।

यह बयान ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और भारत की सशस्त्र सेनाओं की वीरता के संदर्भ में आया, जो हाल ही में आतंकियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के रूप में सामने आया है।

हमारी सेना पाकिस्तान की ज़मीन के हर इंच पर हमला करने में सक्षम है मनोज सिन्हा

जम्मू विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की महाकाव्य रश्मिरथी के नाट्य मंचन कार्यक्रम में भाग लेने के बाद उपराज्यपाल ने कहा:

भारत ने आतंकवादी देश पाकिस्तान को चेताया है कि हमारी सेना उसकी जमीन के हर कोने तक पहुंच सकती है। अगर वो आतंकवादियों को पालना नहीं छोड़ेगा, तो उसका अस्तित्व मिट सकता है।”

उन्होंने इस दौरान भारतीय सेना की वीरता, बलिदान और रणनीतिक कार्रवाई की सराहना करते हुए उन्हें सलाम किया।

 ‘रश्मिरथीकी आत्मा में है राष्ट्रवाद और न्याय का संदेश

कार्यक्रम में सिन्हा ने दिनकर की ‘रश्मिरथी’ को सिर्फ साहित्य नहीं बल्कि राष्ट्र की चेतना करार दिया। उन्होंने कहा:

“दिनकर की कविताएं कालजयी हैं, उनका हर छंद अस्तित्व और राष्ट्र के लिए समर्पित है। हमारे पूर्वजों और योद्धाओं ने उनके शब्दों में अपनी भावनाएं पाई हैं।”

  • उन्होंने रश्मिरथी को भारतीय सैन्य बलों के बलिदान और पराक्रम से जोड़ा

  • कहा कि यह काव्य आज के भू-राजनीतिक संकट में और भी ज्यादा प्रासंगिक हो गया है

 युवाओं को राष्ट्रनिर्माण का आह्वान

उपराज्यपाल ने युवाओं से अपील की कि जैसे सैनिक सीमा पर देश की रक्षा कर रहे हैं, वैसे ही छात्र और युवा नवाचार, शिक्षा और विकास के मोर्चे पर आगे बढ़ें।

“युवा पीढ़ी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा कर रही है, और राष्ट्र की एकता-अखंडता को बनाए रखने में अग्रणी भूमिका निभा रही है।”

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का यह बयान सिर्फ पाकिस्तान के खिलाफ चेतावनी नहीं, बल्कि राष्ट्र की सामूहिक चेतना का उद्घोष है। जब साहित्य, सेना और युवाशक्ति एक स्वर में बोलती है, तब राष्ट्र एक नया इतिहास रचने को तैयार होता है। रश्मिरथी की पंक्तियों में राष्ट्रवाद की वो आग है, जो दुश्मनों को जवाब और युवाओं को दिशा दे सकती है।