New Solar Power Tariffs Released in Uttarakhand: Find Out What Has Changed
उत्तराखंड (Uttarakhand) में solar power projects लगाना अब पहले की तुलना में महंगा हो गया है। इसका मुख्य कारण डॉलर (USD) के मुकाबले रुपये (INR) की गिरती वैल्यू और सोलर मॉड्यूल्स की बढ़ती कीमतें हैं। इसी को देखते हुए Uttarakhand Electricity Regulatory Commission (UERC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सोलर ऊर्जा की नई दरों का ड्राफ्ट जारी किया है और जनता से सुझाव मांगे हैं।
Solar Projects की लागत क्यों बढ़ी?
आयोग के अनुसार सोलर प्रोजेक्ट्स की बढ़ती लागत के पीछे प्रमुख कारण हैं:
डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी
सोलर मॉड्यूल्स की कीमतों में उतार-चढ़ाव
विनिमय दर का ₹92.28 प्रति डॉलर तक पहुंचना
आयात आधारित उपकरणों पर निर्भरता
हालांकि सरकार ने GST को 12% से घटाकर 5% और आयात शुल्क 40% से घटाकर 20% किया है, लेकिन इसके बावजूद solar installation cost बढ़ी हुई है।
Solar PV Projects की नई Capital Cost
1 अप्रैल 2026 या उसके बाद शुरू होने वाले Solar PV Projects के लिए:
पुरानी लागत: ₹278.40 लाख प्रति मेगावाट
नई प्रस्तावित लागत: ₹285.32 लाख प्रति मेगावाट
इस बढ़ोतरी से प्रोजेक्ट डेवलपमेंट महंगा हो गया है।
Solar Tariff Rates में बदलाव (New Tariff 2026-27)
आयोग ने विभिन्न सोलर प्रोजेक्ट्स की दरों में संशोधन किया है:
Solar PV
पुरानी दर: ₹4.10/unit
नई दर: ₹3.96/unit
Canal Bank Solar
पुरानी दर: ₹4.31/unit
नई दर: ₹4.09/unit
Canal Top Solar
पुरानी दर: ₹4.48/unit
नई दर: ₹4.26/unit
Rooftop Solar (Net Metering)
दर: ₹2.00/unit (unchanged)
Battery Energy Storage System (BESS) पर राहत
ग्रिड स्थिरता (Grid Stability) और renewable energy उपयोग को बढ़ाने के लिए Battery Energy Storage System (BESS) की दरों में कटौती की गई है।
पुरानी दर: ₹3,96,000 प्रति माह प्रति मेगावाट
नई प्रस्तावित दर: ₹2,54,583 प्रति माह प्रति मेगावाट
लागत अनुमान: ₹160 लाख प्रति मेगावाट
इससे UPCL (Uttarakhand Power Corporation Ltd.) को सस्ती बिजली मिलने की उम्मीद है।
Subsidy का असर: और घटेगा Tariff
आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी प्रोजेक्ट को सरकार से subsidy या financial incentive मिलता है, तो बिजली दर और कम हो जाएगी।
उदाहरण के तौर पर:
26% subsidy मिलने पर
₹3.96/unit टैरिफ घटकर ₹3.57/unit हो जाएगा
Public से मांगे गए सुझाव
UERC ने इस draft tariff order 2026-27 पर जनता, डेवलपर्स और stakeholders से सुझाव मांगे हैं। सुझाव देने की अंतिम तिथि 4 मई तय की गई है।
Renewable Energy Policy पर असर
इस बदलाव का असर राज्य की renewable energy policy और private solar investment पर पड़ सकता है:
छोटे सोलर डेवलपर्स पर लागत दबाव
rooftop solar में स्थिर दर
storage-based energy systems को बढ़ावा
grid reliability में सुधार की उम्मीद
उत्तराखंड में सोलर एनर्जी सेक्टर (Solar Energy Sector) अब वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और currency fluctuation से प्रभावित हो रहा है। हालांकि टैरिफ में कुछ कटौती से उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है, लेकिन प्रोजेक्ट डेवलपर्स के लिए लागत बढ़ना एक बड़ी चुनौती बन गया है।