New history in the making in Uttarakhand; Dhami government has the opportunity to break three major records.
देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने के बाद अब उत्तराखंड भी एक बड़े राजनीतिक कीर्तिमान का साक्षी बनने जा रहा है। राज्य में भाजपा नेतृत्व से जुड़े तीन प्रमुख पदाधिकारियों के नाम जल्द ही नए रिकॉर्ड दर्ज हो सकते हैं।
यदि आने वाले दिनों में कोई बड़ा राजनीतिक बदलाव नहीं होता, तो मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami, राज्यपाल Lt Gen Gurmit Singh (Retd.) और BJP Uttarakhand President Mahendra Bhatt अपने-अपने पदों पर सबसे लंबे कार्यकाल का नया रिकॉर्ड बना सकते हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम दर्ज हो सकता है नया अध्याय
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 4 जुलाई 2021 को उत्तराखंड के 10वें मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद 2022 विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद उन्होंने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
3 जुलाई 2026 को धामी का कुल कार्यकाल पांच वर्ष पूरा कर लेगा। उत्तराखंड के राजनीतिक इतिहास में इससे पहले केवल पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ही पूरे पांच वर्ष तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहे थे। धामी इस उपलब्धि को हासिल करने वाले दूसरे नेता बन जाएंगे।
राज्यपाल गुरमीत सिंह तोड़ेंगे पुराना रिकॉर्ड
उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) भी जल्द ही राज्य के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले राज्यपाल बनने जा रहे हैं।
उन्होंने 15 सितंबर 2021 को राज्यपाल पद की शपथ ली थी। वर्तमान रिकॉर्ड पूर्व राज्यपाल सुदर्शन अग्रवाल के नाम है, जिनका कार्यकाल 57 माह 21 दिन का रहा था। 7 जुलाई 2026 को गुरमीत सिंह का कार्यकाल 57 माह 22 दिन का हो जाएगा और वे नया रिकॉर्ड कायम कर देंगे।
महेंद्र भट्ट भी रच सकते हैं इतिहास
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराने के करीब हैं। राज्य गठन के बाद वे भाजपा के 10वें प्रदेश अध्यक्ष बने थे।
इससे पहले सबसे लंबा कार्यकाल अजय भट्ट के नाम दर्ज है, जो दिसंबर 2015 से जनवरी 2020 तक करीब 50 महीने प्रदेश अध्यक्ष रहे। महेंद्र भट्ट पहले ही 46 महीने से अधिक का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं और यदि वे अपने पद पर बने रहते हैं, तो नवंबर 2026 तक सबसे लंबे समय तक प्रदेश अध्यक्ष रहने का रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं।
भाजपा के लिए अहम साबित हो सकता है यह दौर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तराखंड में नेतृत्व की स्थिरता और संगठनात्मक निरंतरता भाजपा के लिए बड़ा संदेश साबित हो सकती है। मुख्यमंत्री, राज्यपाल और प्रदेश अध्यक्ष के स्तर पर बनने वाले ये रिकॉर्ड राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माने जा रहे हैं।
आने वाले कुछ सप्ताह उत्तराखंड की राजनीतिक इतिहास पुस्तकों में एक नए अध्याय के रूप में दर्ज हो सकते हैं, जब एक साथ तीन बड़े संवैधानिक और राजनीतिक पदों पर कार्यरत चेहरे नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे।