Manipur Violence Update: जातीय तनाव खत्म होने में क्यों लगेगा वक्त? मोहन भागवत ने बताया

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि मणिपुर में चल रहे जातीय संघर्ष (Manipur Ethnic Conflict) को खत्म करने और लड़ने वाले समूहों के बीच मतभेद सुलझाने में समय लगेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि अंततः पूर्वोत्तर राज्य में शांति (Peace in Manipur) जरूर बहाल होगी।

हाल ही में मणिपुर दौरे पर गए आरएसएस प्रमुख ने बताया कि उन्होंने राज्य के आदिवासी नेताओं, सामाजिक संगठनों और युवा प्रतिनिधियों से सीधे संवाद किया है।

कानून-व्यवस्था में सुधार, लेकिन मनों की दूरी अभी बाकी

मोहन भागवत के अनुसार मणिपुर में Law and Order Situation धीरे-धीरे बेहतर हो रही है। उन्होंने कहा कि अव्यवस्था और हिंसा से जुड़ी समस्याएं क्रमशः कम हो रही हैं और आने वाले लगभग एक साल में हालात सामान्य होने की उम्मीद है।

हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि

“कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करना आसान है, लेकिन लोगों के दिलों को जोड़ना एक बड़ी चुनौती है और इसमें समय लगेगा।”

भागवत ने जोर दिया कि Dialogue और बातचीत (Peace Talks) ही एकमात्र रास्ता है, जिससे सभी पक्षों को एक मंच पर लाया जा सकता है।

बातचीत से ही निकलेगा समाधान: RSS Chief

आरएसएस की शताब्दी वर्ष (RSS 100th Anniversary) के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में मोहन भागवत ने कहा कि मणिपुर में समाधान संभव है, क्योंकि समाज में शांति की इच्छा पहले से मौजूद है।

उन्होंने कहा कि

अरुणाचल प्रदेश

मेघालय

नागालैंड

जैसे राज्यों में भी संघ इसी तरह के प्रयास कर चुका है और वहां सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि मणिपुर में RSS की करीब 100 शाखाएं (RSS Shakhas) सक्रिय हैं, जो सामाजिक समरसता के लिए काम कर रही हैं।

RSS और BJP के रिश्तों पर भी बोले भागवत

कार्यक्रम के दौरान जब एक श्रोता ने RSS-BJP Relationship को लेकर सवाल किया, तो मोहन भागवत ने स्पष्ट किया कि संघ ने हमेशा बीजेपी से एक तय दूरी बनाए रखी है।

उन्होंने कहा,

“हम सभी बीजेपी नेताओं से दूरी बनाए रखते हैं।”

हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संघ की पृष्ठभूमि से जुड़े रहे हैं। पीएम मोदी स्वयं पहले संघ के प्रचारक रह चुके हैं।

भागवत ने कहा कि संघ अपने संबंधों को लेकर किसी तरह की गोपनीयता नहीं रखता, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों।

Manipur Peace Process पर संघ का भरोसा

RSS प्रमुख ने दोहराया कि Manipur Violence का स्थायी समाधान संभव है, लेकिन इसके लिए धैर्य, संवाद और सामाजिक सहभागिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी के बजाय भरोसे और बातचीत के जरिए ही मणिपुर में Normalcy और Trust को बहाल किया जा सकता है।

कुल मिलाकर, मोहन भागवत के बयान से यह साफ है कि मणिपुर में हालात धीरे-धीरे सुधर रहे हैं, लेकिन Ethnic Divide को खत्म करने के लिए समय और निरंतर प्रयास दोनों की जरूरत होगी।