माणा हिमस्खलन: माणा आपदा में 50 मजदूर निकाले गए, मुख्यमंत्री धामी ने संभाली कमान

उत्तराखंड के चमोली जिले के माणा क्षेत्र में शुक्रवार को भीषण हिमस्खलन हुआ, जिससे कई मजदूर बर्फ में फंस गए। राज्य और केंद्र सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बचाव अभियान शुरू किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बातचीत कर हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री धामी स्वयं मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य की निगरानी की।

बचाव अभियान की त्वरित शुरुआत-

मौसम खुलते ही भारतीय सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों ने राहत कार्य शुरू किया। एसडीआरएफ की हाई एल्टीट्यूड रेस्क्यू टीमों को जौलीग्रांट, सहस्रधारा और गोचर में तैनात किया गया। हेलिकॉप्टरों से बचाव उपकरणों के साथ टीमें रवाना हुईं।

रेस्क्यू अभियान की प्रगति-

अब तक 50 मजदूरों को निकाला जा चुका है, जबकि चार की मौत हो गई। पांच मजदूरों की तलाश जारी है। बर्फ में दबे मजदूरों की स्थिति का पता लगाने के लिए ग्राउंड पेनीट्रेशन रडार (जीपीआर) और आर्मी स्निफर डॉग्स का उपयोग किया गया।

शनिवार को बचाव अभियान में तेजी लाई गई, जिसमें 17 मजदूर सुरक्षित निकाले गए। 24 घायलों को जोशीमठ और एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया।

सरकारी सहयोग और निर्देश-

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बर्फबारी से कटे गांवों में जरूरी आपूर्ति सुनिश्चित करने और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अलर्ट जारी करने के निर्देश दिए।

गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। सेना, वायुसेना और एनडीआरएफ को राहत कार्यों में सहायता के निर्देश दिए गए हैं। छह हेलीकॉप्टरों को भी बचाव कार्य में लगाया गया है।

माणा हिमस्खलन के बाद राज्य और केंद्र सरकार के समन्वित प्रयासों से बचाव अभियान तेजी से जारी है। अब तक 50 मजदूर सुरक्षित निकाले जा चुके हैं और शेष की तलाश जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।