Shiv Sena MP Revolt पर बड़ा खुलासा! फडणवीस और शिंदे को लेकर आदित्य ठाकरे का दावा PM

महाराष्ट्र की राजनीति में Shiv Sena MP Revolt को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता आदित्य ठाकरे ने दावा किया है कि उनकी पार्टी के छह सांसदों की बगावत केवल राजनीतिक घटनाक्रम नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक बड़ी रणनीति काम कर रही थी। उनका आरोप है कि इस पूरे घटनाक्रम का उद्देश्य मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis के राजनीतिक प्रभाव को सीमित करना था।

‘PM Race से दूर रखने की कोशिश’

एक मीडिया बातचीत में आदित्य ठाकरे ने कहा कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व महाराष्ट्र की राजनीति में ऐसा समीकरण बनाना चाहता है, जिससे भविष्य में Devendra Fadnavis राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री पद के संभावित दावेदार के रूप में मजबूत न हो सकें।

उनका दावा है कि इस घटनाक्रम से Eknath Shinde को भी राजनीतिक लाभ मिलता है। यदि भविष्य में फडणवीस की भूमिका केंद्र की राजनीति में बढ़ती है, तो महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद के लिए शिंदे की दावेदारी और मजबूत हो सकती है।

शिंदे को सबसे ज्यादा फायदा मिलने का दावा

आदित्य ठाकरे का कहना है कि छह सांसदों के शिंदे गुट में जाने से सबसे बड़ा फायदा एकनाथ शिंदे को मिला है। उनके अनुसार, इससे न केवल शिंदे का संगठनात्मक आधार मजबूत हुआ, बल्कि राज्य की सत्ता में उनकी संभावित भूमिका भी और प्रभावशाली बन सकती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पूरा घटनाक्रम एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा था।

उद्धव ठाकरे भी लगा चुके हैं ऐसे आरोप

इससे पहले Uddhav Thackeray भी इसी तरह के आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने दावा किया था कि भाजपा के भीतर “Operation Devendra” चलाया जा रहा है, जिसका मकसद फडणवीस की राजनीतिक ताकत को सीमित करना है।

उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा था कि भाजपा में जो नेता राष्ट्रीय स्तर पर अधिक लोकप्रिय होते हैं, उन्हें अलग जिम्मेदारियां देकर उनकी संभावित प्रधानमंत्री पद की दावेदारी कमजोर कर दी जाती है। उन्होंने उदाहरण के तौर पर कई वरिष्ठ नेताओं का भी उल्लेख किया था।

फडणवीस ने आरोपों को किया खारिज

मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ किसी तरह की साजिश की बात निराधार है।

फडणवीस ने कहा कि उन्हें महाराष्ट्र की जनता और पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व का पूरा विश्वास प्राप्त है। उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि वह कोई ऐसे व्यक्ति नहीं हैं जिसके “पर काटे” जा सकें, इसलिए इस तरह के आरोपों का कोई आधार नहीं है।

शिवसेना में बगावत से बदला राजनीतिक समीकरण

महाराष्ट्र की राजनीति में हाल के दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उद्धव ठाकरे गुट के 9 में से 6 लोकसभा सांसद शिंदे गुट के साथ चले गए, जिससे पार्टी की संसदीय ताकत पर असर पड़ा।

उद्धव ठाकरे लगातार इन सांसदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा कानूनी और संवैधानिक प्रावधानों के तहत इन सांसदों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई आसान नहीं होगी।

महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ी सियासी गर्मी

सांसदों की बगावत के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। एक ओर उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे इसे भाजपा की रणनीति बता रहे हैं, वहीं भाजपा और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इन आरोपों को पूरी तरह राजनीतिक बयानबाजी करार दे रहे हैं।

आने वाले समय में यह मुद्दा राज्य की राजनीति और Maharashtra Political News में चर्चा का प्रमुख विषय बना रह सकता है।