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Major attack in Pakistan, 3 killed including JUI leader Abdullah, will terrorism increase?
पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत के कलात जिले में गुरुवार को एक भयंकर आतंकवादी हमला हुआ, जिसमें जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (JUI) के नेता अब्दुल्ला समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। यह घटना उस समय हुई जब एक निजी वाहन लैंडमाइन पर चढ़ गया और विस्फोट हो गया। इस हमले की जानकारी प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने दी। घटना का स्थान चोरी बुर कपुटो क्षेत्र था, जहां वाहन लैंडमाइन पर चढ़ा और इसके परिणामस्वरूप एक भीषण विस्फोट हुआ।
घायलों को तत्काल कलात के जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमले में मारे गए व्यक्ति में JUI नेता और वार्ड काउंसलर अब्दुल्ला भी शामिल हैं। स्थानीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया और हमले के बाद सुरक्षा बढ़ा दी।
पाकिस्तान में बढ़ता आतंकवाद
पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, खासकर बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (PICAS) की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2025 में आतंकवादी हमलों की संख्या 100 के पार पहुंच गई, जो नवंबर 2014 के बाद का सबसे बड़ा आंकड़ा है। पाकिस्तान में आतंकवाद का खतरा बढ़ता जा रहा है, जिससे स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताएँ पैदा हो रही हैं।
सिर्फ बलूचिस्तान में ही हाल के महीनों में आतंकवादी हमलों में तेज़ी आई है। 15 अप्रैल को मस्तुंग जिले में हुए एक अन्य हमले में बलूचिस्तान कॉन्स्टैबुलरी के वाहन को निशाना बनाया गया, जिसमें तीन पुलिसकर्मी शहीद हो गए और 16 से अधिक घायल हुए थे।
वैश्विक आतंकवाद सूचकांक में पाकिस्तान का स्थान
वैश्विक आतंकवाद सूचकांक 2025 (Global Terrorism Index) में पाकिस्तान को आतंकवाद के मामलों में दूसरा स्थान मिला है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में आतंकवादी हमलों में मारे गए व्यक्तियों की संख्या 1,081 तक पहुंच गई, जो पिछले साल के मुकाबले 45% अधिक है। इस बढ़ते आतंकवाद के कारण पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे एक आतंकवादी कृत्य बताया है। प्रवक्ता शाहिद रिंद ने कहा, “यह एक आतंकवादी कृत्य है, और हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। कानून-व्यवस्था की स्थिति को हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा।” यह बयान सुरक्षा बलों की बढ़ती सक्रियता और आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की ओर इशारा करता है, लेकिन स्थानीय समुदाय और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में इस पर गंभीर चिंता जताई जा रही है।