JP Nadda and Jitendra Singh met Sonam Wangchuk amidst his 24-day hunger strike; will a solution emerge?
दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद 24 दिनों से अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk को मंगलवार शाम Safdarjung Hospital से गुरुग्राम स्थित Medanta Hospital में शिफ्ट किया गया। अस्पताल में भर्ती होने के कुछ घंटों बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने उनसे मुलाकात की। सूत्रों के हवाले से आई जानकारी के अनुसार, दोनों नेताओं ने वांगचुक से अनशन समाप्त करने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की।
देर रात हुई अहम मुलाकात
समाचार एजेंसी के अनुसार, दोनों केंद्रीय मंत्री देर रात अस्पताल पहुंचे और Sonam Wangchuk से बातचीत की। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह मुलाकात रात करीब 11:30 बजे हुई। इस दौरान सरकार की ओर से बातचीत के जरिए समाधान निकालने का संदेश दिया गया और उनसे Hunger Strike समाप्त करने का अनुरोध किया गया।
इस मुलाकात को सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच संवाद की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ICU में चल रहा इलाज
मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच एंबुलेंस से वांगचुक को Safdarjung Hospital से Medanta Hospital ले जाया गया। अस्पताल में उन्हें Internal Medicine Specialist डॉ. सुशीला कटारिया की निगरानी में ICU में भर्ती किया गया है, जहां उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
दिन में घायल प्रदर्शनकारियों से भी मिले जेपी नड्डा
इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (RML) Hospital और Lady Hardinge Hospital का दौरा किया। यहां उन्होंने प्रदर्शन के दौरान घायल हुए आंदोलनकारियों से मुलाकात की और उनके उपचार की जानकारी ली। साथ ही अस्पताल प्रशासन को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
पत्नी की अपील पर मिला हाई कोर्ट से राहत
Delhi High Court ने वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो की अपील पर उन्हें निजी अस्पताल में इलाज की अनुमति दी थी। इससे पहले अदालत ने केंद्र सरकार के अस्पताल से उन्हें स्थानांतरित करने के निर्देश देने से इनकार किया था। बाद में दायर अपील पर सुनवाई के दौरान अदालत ने Medanta Hospital में भर्ती कराने की अनुमति दे दी।
किस मांग को लेकर जारी है अनशन?
सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk 28 जून से अनिश्चितकालीन Hunger Strike पर हैं। उनकी प्रमुख मांगों में प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर NEET से जुड़े कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग शामिल है। इसी मुद्दे को लेकर राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन भी जारी है।